बठिंडा में रेड क्रॉस भवन के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। पूरे जिले में रेड क्रॉस की एकमात्र एम्बुलेंस को मरीजों की सेवा के बजाए किताबें ढोने के काम में लगाया जा रहा है। सिटी सेंटर के पास स्थित नई लाइब्रेरी में एम्बुलेंस में किताबें रखी गई मिलीं। एम्बुलेंस ड्राइवर गुरनाम सिंह ने बताया कि उनकी मुख्य ड्यूटी सिविल अस्पताल में मरीजों को 10 रुपए प्रति किलोमीटर की दर से घर पहुंचाने की है। उन्होंने कहा कि आज भी कई मरीजों के परिवारों के फोन आए, लेकिन अधिकारियों के आदेश पर उन्हें लाइब्रेरी में किताबें पहुंचाने का काम करना पड़ा। रेड क्रॉस भवन के सचिव दर्शन सिंह का कहना है कि उन्होंने सुबह 10 बजे एम्बुलेंस ड्राइवर से पूछा था कि क्या एम्बुलेंस खाली है और कोई मरीज का फोन नहीं है। ड्राइवर के ना कहने पर उन्होंने 100-150 किताबें शिफ्ट करने के लिए एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया। उनका तर्क है कि लाइब्रेरी भी रेड क्रॉस भवन का हिस्सा है, इसलिए यह काम भी संस्था का ही है। उन्होंने मरीजों के फोन आने की बात को झूठा बताया।


