भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब सरकार द्वारा प्लास्टिक एंड केमिकल प्रोडक्ट्स कमेटी की बैठक में प्लास्टिक प्रोसेसिंग इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान व कमेटी सदस्य संदीप खोसला ने दिए सुझाव में पंजाब सरकार से बायोग्रेडेबल (केरी बैग) केरी बेग के निर्माण की इजाजत देने की मांग की है। कमेटी मैंबर सचिव गितिका सिंह को सौंपे पत्र में उन्होने कहा कि सिंग्ल यूज प्लासिट्क केरी बैग पर पाबंदी पंजाब सरकार का बेहतर कदम है लेकिन इसके कारण प्लास्टिक इंडस्ट्री बंद होने के कगार पर है, इससे लाखों रोजगार प्राप्त युवक बेरोजगार हो गए हैं। नतीजन पंजाब सरकार को रवेन्यू भी प्राप्त नहीं हो रहा है। केंद्र सरकार ने जुलाई माह में इसका विकल्प पेश किया है। इस विकल्प को पंजाब सरकार को भी अपनाना चाहिए इससे तबाही के कगार पर खड़ी प्लास्टिक इंडस्ट्री को आक्सीजन हासिल होगी। इस विकल्प के तहत केंद्र ने भी बायोग्रेडेबल प्रोडक्टस के निर्माण की मंजूरी दे दी है। इससे बायोग्रेडेबल केरी बैग के निर्माण से प्लास्टिक इंडस्ट्री पटरी पर लौट सकती है। उन्होने इसके सैंपल्स को नैशनल एक्रिडेशन बोर्ड को लैब में टेस्ट करवाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बायोग्रेडेबल प्रोडक्ट्स सैंपल में पूरी तरह से पास होंगे। उन्होंने कहा कि बायोग्रेडेबल प्रोडक्टस पंजाब प्लासिटक केरी बैग एक्ट 2005 के अधीन नहीं आएंगे क्योंकि यह नान बायोग्रेडेबल वेस्ट नहीं है। फरवरी 2016 व 23 जून 2016 में उक्त एक्ट में हुए संशोधन के तहत अब एक्ट बायोग्रेडेबल प्रोडक्टस पर पाबंदी नहीं लगाता है यानि ऐसे प्रोडक्टस को पाबंदी की केटेगरी से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अन्य राज्यों मेंे बायोग्रेडेबल प्रोडक्ट्स के निर्माण से पाबंदी हट चुकी है। उन्होने सरकार से बायोग्रेडेबल प्रोडक्ट बनाने की इजाजत देने की मांग की है । खोसला ने खुलासा किया कि बठिंडा रिफाइनरी से पंजाब के कारोबारियों को सामान महंगा जबकि दिल्ली, गुजरात के व्यापारियों को सस्ता मिल रहा है जबकि पंजाब में होने के कारण इस रिफाइनरी से पंजाब के कारोबारियों को ग्रेनूयल्स महंगा मिल रहा है । उन्होंने कहा कि अगर अन्य पंजाब को ग्रेनूयल्स 100 रुपए प्रति किलो मिल रहा है तो अन्य राज्यों के व्यापारियों को यह 95-96 रुपए प्रति किलो हासिल हो रहा है । इसका रेट अन्य राज्यों से भी कम किया जाना चाहिए । खोसला ने कहा कि कमेटी की अगली बैठक 20 को मोहाली में होगी।जिसमें विस्तार से कमेटी सचिव को लिखित सुझाव दिए जाएंगे।


