बड़वानी शहर के अंजड़ नाके पर मंगलवार रात करीब एक घंटे तक भारी जाम लगा रहा। जाम में दो एम्बुलेंस फंस गईं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। हैरानी की बात यह रही कि इतने लंबे समय तक ट्रैफिक पुलिस या प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जाम में फंसी एम्बुलेंस जानकारी के अनुसार, रात करीब 7:30 बजे से अंजड़ नाके पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम इतना गंभीर था कि एम्बुलेंस सायरन बजाती रहीं, लेकिन उन्हें निकलने का रास्ता नहीं मिल सका। करीब एक घंटे तक स्थिति जस की तस बनी रही। लोगों ने खुद संभाली व्यवस्था प्रशासन के न पहुंचने पर स्थानीय लोगों और राहगीरों ने खुद मोर्चा संभाला। कई युवाओं ने आगे बढ़कर ट्रैफिक को नियंत्रित किया, वाहनों को हटाया और काफी मशक्कत के बाद एम्बुलेंस को जाम से बाहर निकाला। लाेग बोले- अकसर लगता है जाम स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अंजड़ नाका शहर का मुख्य प्रवेश मार्ग है और यहां अक्सर जाम की स्थिति बनती है। इसके बावजूद यहां स्थायी ट्रैफिक व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों का आरोप है कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित हैं। नेता प्रतिपक्ष बोले- ट्रैफिक व्यवस्था भगवान भरोसे नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव ने इस घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि एक घंटे तक एम्बुलेंस का फंसे रहना सिस्टम की गंभीर लापरवाही को दिखाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इस दौरान किसी मरीज की जान चली जाती तो जिम्मेदारी किसकी होती। राकेश जाधव ने कहा कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं किया गया तो इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जाएगा। यातायात प्रभारी विनोद बघेल ने बताया अचानक अंजड़ नाके से यातायात का दबाव बढ़ गया था। थोड़ी देर जरूर लगी, लेकिन बाद में यातायात को सुचारू कर दिया गया।


