बड़वानी जिले के अंजड में 1 से 15 जनवरी के बीच 14 स्थानों पर हिन्दू सम्मेलन होगा। आयोजन की तैयारियों के तहत बुधवार को नर्मदा किनारे स्थित लोहारा घाट पर अक्षत कलश पूजन और प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में संतों और समाज के प्रमुख उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत नर्मदा मैया के पूजन-अर्चन से हुई। इसके बाद संतों और समाज प्रमुखों ने अक्षत कलश की पूजा-अर्चना की। यह पूजन आगामी हिन्दू सम्मेलनों की सफलता और शुभारंभ के लिए किया गया। मुख्य वक्ता बोले- हिंदू समाज को एकजुट करना उद्देश्य मालवा प्रांत छात्रावास कार्य प्रमुख निर्मल आदिवाल ने कार्यक्रम में कहा कि यह आयोजन हिंदू समाज को एकजुट करने और भारतीय संस्कृति को संरक्षित रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करना, वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों का सामना करना और जन जागृति लाना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है। दंडी स्वामी हेमेंद्र सरस्वती महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि ज्ञान और विवेक सभी के पास हैं, इसे जागृत करना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने गौ रक्षा और धर्म रक्षा के लिए जागरूक होने तथा पंच परिवर्तन को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। मंडलों और बस्तियों में सम्मेलन अंजड खंड में कुल आठ मंडल और छह बस्तियों में सम्मेलन आयोजित होंगे। इनमें अंजड नगर की चार बस्तियां, ठीकरी नगर की दो बस्तियां, साथ ही चकेरी मंडवाड़ा, तलवाड़ा, दवाना, ब्राह्मण गांव, कुआं, सेगवाल और खुरमपुरा मंडल शामिल हैं। कार्यक्रम के समापन के बाद सभी मंडलों की बैठकें आयोजित की गईं और उन्हें अक्षत कलश वितरित किए गए। पीले चावल से दिया आमंत्रण हिन्दू सम्मेलन के लिए सभी मंडलों में 21 दिसंबर तक कार्यालय खोले गए। प्रत्येक मंडल में स्थल चयन कर भूमि पूजन किया गया। 25 दिसंबर के बाद गांव-गांव जाकर पीले चावल के माध्यम से दिया गया और भगवा पताका लगाई गई। इसके अलावा प्रभात फेरी, मशाल जुलूस और युवाओं द्वारा भगवा रैली आयोजित की गई। 31 दिसंबर को खंड के प्रत्येक गांव और नगर में भारत माता की आरती की गई। यह रहे उपस्थित कार्यक्रम में दसानन नागा सन्यासी और तपोनिधि पंचायती आनंद अखाड़ा वाराणसी के जमना पूरी महाराज, बड़वानी जिला संघ चालक भगवान सेप्टा, मैकाल स्वतः आश्रम लोहारा के कमल किशोर मिश्रा, महादेव यादव, ओंकार धनगर, दुधालाल मुकाती, बाबूलाल काग और गायत्री दसौंधी मंचासीन रहे।


