बड़वानी में ऑक्सीजन प्लांट के पास कचरा जलाया:आग की वजह से सप्लाई बाधित होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था

बड़वानी जिला अस्पताल परिसर में सोमवार दोपहर ऑक्सीजन प्लांट के पास खुलेआम कचरा जलाया गया। ऑक्सीजन आग को तेजी से फैलाने का काम करती है। यदि प्लांट क्षेत्र में किसी भी तरह की चिंगारी पहुंचती है, तो आग कई गुना विकराल रूप ले सकती है। ऐसी स्थिति में न केवल ऑक्सीजन सप्लाई ठप हो सकती है, बल्कि पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मचने की आशंका रहती है। अस्पताल के आईसीयू, इमरजेंसी और वार्ड में भर्ती गंभीर मरीजों की जान ऑक्सीजन सप्लाई पर ही टिकी होती है। यदि आग की वजह से सप्लाई बाधित होती है, तो कुछ ही मिनटों में स्थिति जानलेवा हो सकती है। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन की उदासीनता कई सवाल खड़े कर रही है। समाजसेवी मनीष शर्मा ने बताया कि अस्पताल परिसर में ऑक्सीजन प्लांट से कुछ ही दूरी पर कचरे के ढेर में आग लगाई गई थी, जिससे लगातार धुआं और लपटें उठती रहीं। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान न तो अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल कोई कदम उठाया और न ही फायर सेफ्टी से जुड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष: बैठक में व्यस्त थे सिविल सर्जन इस पूरे मामले को लेकर जब सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे टीएल (TL) की बैठक में थे और उन्हें यह जानकारी उपयोगकर्ता के माध्यम से मिली है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच करवाने की बात कही है। चालू प्लांट में भरा है लिक्विड ऑक्सीजन ऑक्सीजन टेक्नीशियन नरेंद्र धनगर ने कहा कि जिला अस्पताल में दो ऑक्सीजन प्लांट हैं। इनमें से एक में ऑक्सीजन सेंसर खराब है और दूसरे का मफलर क्षतिग्रस्त है। प्लांट चालू तो हैं, लेकिन वर्तमान में मरीजों को सिलेंडर से ही ऑक्सीजन दी जा रही है। उन्होंने कचरा जलाने के मामले की जानकारी मिलने पर जांच करवाने की बात कही और स्वीकार किया कि प्लांट से सप्लाई न होने के बावजूद आसपास कचरा जलाने से खतरा बना हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि जहां कचरा जलाया गया है, वहां एक ऑक्सीजन प्लांट चालू है जिसमें लिक्विड डाला जाता है, और अभी भी उक्त प्लांट में लिक्विड डला हुआ है और प्लांट चालू है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *