बड़वानी जिले के ग्राम तलून में एक नहर के फूट जाने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। नहर का पानी खेतों तक पहुंचने के बजाय रास्तों पर बह रहा है, जिससे ग्रामीणों का आवाजाही प्रभावित हो रही है और खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्तों पर पानी भरने से मोटरसाइकिल निकालना भी मुश्किल हो गया है, वहीं बड़े वाहनों का आना लगभग असंभव है। इससे किसानों को अपनी उपज मंडी तक ले जाने में बाधा आ रही है। किसान रवि जाट ने बताया कि सिंचाई व्यवस्था सुधारने के लिए करोड़ों रुपए की लागत से नहरों का निर्माण किया गया था। हालांकि, निम्न गुणवत्ता के कारण कई स्थानों पर नहरें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। नियमित सफाई और रखरखाव के अभाव में नहरों में झाड़ियां और कचरा जमा हो गया है, जिससे पानी खेतों तक ठीक से नहीं पहुंच पा रहा है। नहर टूटने से आधे किसान पानी से वंचित किसानों के अनुसार, आधे किसानों को ही पानी मिल पा रहा है, वहीं बाकी आधे किसान पानी की कमी से अपनी फसलें बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जिन हिस्सों में पानी पहुंचता है, वहां नहर टूटने के कारण पानी रास्तों पर फैल रहा है, जिससे खेतों के रास्ते दलदल में बदल गए हैं। किसान ने यह भी बताया कि इस समय कुछ किसानों के केले की कटाई चल रही है। लेकिन रास्तों की खराब स्थिति के कारण व्यापारी गांव आने से मना कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें अपनी गाड़ियों के फंसने का डर है। इससे किसानों को अपनी फसल बेचने में दिक्कत आ रही है। किसानों ने नहर की तुरंत मरम्मत की मांग की किसानों का कहना है कि पहले उन्हें बारिश से फसलों का नुकसान झेलना पड़ा, फिर उपज के भाव 2 से 3 रुपए प्रति किलो तक गिर गए, और अब नहर फूटने से सिंचाई और परिवहन दोनों बाधित हो गए हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों को कई बार समस्या की जानकारी दी है और सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नहर को बंद करने के बजाय उसकी तत्काल मरम्मत की जाए। उन्होंने क्षतिग्रस्त हिस्सों को दुरुस्त करने, रास्तों पर बह रहे पानी को रोकने और खेतों तक जाने वाले मार्गों पर मुरम डालकर उन्हें सुधारने की अपील की है, ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारु हो सके। किसानों ने बोनी के इस महत्वपूर्ण समय में अपनी फसलें बचाने के लिए स्थायी समाधान की मांग की है। इंदिरा सागर नहर परियोजना के राकेश पवार ने बताया कि जानकारी मिली है। विभागीय टीम को मौके पर भेज वस्तुस्थिति देखी जाएगी नहर में टूटफूट हुई होगी तो उसकी मरम्मत कराई जाएगी। इंदिरा सागर नहर परियोजना के ए ई आर एस धुर्वे ने बताया कि नहरें तो सभी जगह टूटी हुई हैं, रिपेयर मेंटेनेंस जरूरी है, फिलहाल विभाग के पास बजट नहीं है, इस्टीमेट भेज रखा है भोपाल से बजट सेशन होगा तभी मरम्मत कराई जाएगी।


