राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष की शुरुआत में 3 जनवरी को इंदौर में होने वाले घोष वादन में जो एक हजार स्वयंसेवक प्रस्तुति देंगे, वे इंदौर पहुंच चुके हैं। मंगलवार को इन एक हजार स्वयंसेवकों का विशेष शिविर भी शुरू हो गया। इसमें मालवा प्रांत के सभी 28 जिलों से चुनिंदा स्वयंसेवक पहुंचे हैं। सभी तीन दिन यानी 2 जनवरी तक अपने अनुभव और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करेंगे। साथ ही 3 जनवरी के मुख्य आयोजन का अभ्यास भी करेंगे। मुख्य आयोजन के लिए दशहरा मैदान पर तैयारी शुरू हो गई है। संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत की मौजूदगी में स्वयंसेवक शताब्दी वर्ष का दृश्य दिखाने के लिए स्वर शतकम की प्रतिकृति भी बनाएंगे। कार्यक्रम दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक चलेगा। इस दौरान डॉ. भागवत स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे। पहली बार संघ के इस खास आयोजन में स्वयंसेवक परिवार सहित पहुंच रहे हैं। सभी को आमंत्रण भी पहुंच चुका है। 20 हजार से ज्यादा स्वयंसेवकों के पहुंचने की संभावना है। संघ की ताकत दिखेगी दरअसल,मालवा प्रांत संघ का गढ़ बन चुका है। संघ इस आयोजन को न केवल संख्या और व्यवस्था संचालन, बल्कि अनुशासन के लिहाज से भी आदर्श बनाने की तैयारी में जुटा है। ऐसे होगा घोष वादन स्वयंसेवकों का बेहद खास और अनूठा अंदाज नजर आएगा। कार्यक्रम परिसर आनक, पणव, वंशी, शंख आदि विभिन्न वाद्यों की सुमधुर ध्वनि से गूंजेगा। गणवेश पहने स्वयंसेवकों की वाद्ययंत्र पर तारतम्यता देखने को मिलेगी। आयोजन में शिक्षाविद्, उद्योगपति, चिकित्सक, प्रोफेशनल्स, खिलाड़ी, कलाकार, व्यवसायी भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे। पांच सौ से ज्यादा समाजों से संपर्क, पूरा मैदान सजेगा खास बात यह है कि संघ ने अब तक पांच सौ से ज्यादा समाजों से संपर्क किया है। सभी की भागीदारी रहेगी। पूरा दशहरा मैदान विशेष रूप से सजाया जाएगा। घोष वादन करने वाले एक हजार स्वयंसेवकों का खास प्रशिक्षण भी शुरू हो गया है।


