जनसुनवाई:केवाईसी के बाद भी प्रकरण लंबित रहा तो अधिकारी और कर्मचारी के वेतन से दी जाएगी पेंशन की राशि

नगर निगम की जनसुनवाई में मंगलवार को 34 प्रकरण आए। निगमायुक्त शिवम वर्मा ने अपर आयुक्तों और अधिकारियों के साथ सुनवाई कर ज्यादातर का मौके पर निराकरण किया। गंगादेवी नगर की मधुबाला जैन ने कहा कि उन्हें जनवरी 2024 से अक्टूबर तक सामाजिक सुरक्षा वृद्धावस्था पेंशन का लाभ नहीं मिला, जबकि पेंशन संबंधित केवाईसी भी लिया गया। निगमायुक्त ने संबंधित विभाग प्रमुख को निर्देशित किया कि केवाईसी के बाद भी सामाजिक सुरक्षा वृद्धावस्था पेंशन जारी नहीं की जाती तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के वेतन से आवेदक को पेंशन का भुगतान किया जाएगा। निगमायुक्त ने सेवानिवृत्त सफाई मित्र के आवेदन पर अफसरों से जवाब तलब किया। सफाई मित्र ने कहा आवेदन दे दिया फिर भी स्थापना विभाग रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने की बात कह रहा। इस पर रिकॉर्ड ढूंढने और समय सीमा में लाभ देने के निर्देश दिए। कहा कि ऐसा नहीं किया गया तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिला बुजुर्ग ने बताया, महीनों पहले बेटे की मृत्यु एमवाय में हुई थी, अब तक मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिला। महालक्ष्मी नगर रहवासी सहकारी संस्था के अशोक जैन ने कहा, शिवालय कॉलोनी बिजलपुर के रहवासियों ने कॉलोनाइजर कमल मखीजा, मो. खंबाती शिव रियल मार्ट प्रालि से कॉलोनी में प्लॉट खरीदे थे। कॉलोनाइजर ने अब तक ड्रेनेज, बाउंड्रीवॉल, नर्मदा लाइन, इलेक्ट्रिक, पेवर ब्लॉक के काम पूरे नहीं किए। संबंधित विभाग को इसका निराकरण करने के निर्देश दिए। हर केस का होगा स्थायी समाधान : कलेक्टर जिला प्रशासन की जनसुनवाई नए साल में अब और प्रभावी होगी। मंगलवार को जनसुनवाई बाद कलेक्टर आशीष सिंह ने निर्देश दिए हैं कि आवेदकों की समस्याओं का प्राथमिकता के साथ समय पर निराकरण हो, ताकि आमजन को भटकना न पड़े, न उन्हें दोबारा आने की जरूरत पड़े। इसके लिए विशेष व्यवस्था के तहत उनके केस सीएम हेल्पलाइन में दर्ज किए जा रहे हैं। जनसुनवाई में कलेक्टर ने पुष्पा बाई को 15 हजार रुपए की आर्थिक मदद स्वीकृत की। उन्होंने बताया कि मेरे दो लड़के हैं और वे दोनों ही दिव्यांग है। बड़ा बेटा बीमार रहता है। इलाज के लिए पैसे की जरूरत है। इसको देखते हुए यह सहायता मंजूर की। इसी तरह परदेशीपुरा की लक्ष्मी बाई को भी इलाज के लिए 10 हजार रुपए दिए गए। एक अन्य महिला ने बताया कि मैं ग्राम खजूरिया में रहती हूं। मेरे पति दिव्यांग है। परिवार मेरे ऊपर ही निर्भर है। मुझे सिलाई आती है। सिलाई मशीन मिल जाएगी तो मेरा रोजगार बढ़ जाएगा। कलेक्टर ने तुरंत सिलाई मशीन स्वीकृत की। इसी तरह मोहन सिंह को प|ी के इलाज के लिए 10 हजार, बर्नाड एंथोनी को भी 10 हजार, ग्राम कैलोद की सुंदर बाई पति धर्मेंद्र को 15 हजार रुपए की मदद की।

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