बड़ा बाबू ने ज्वाइनिंग के बाद 1 दिन भी नहीं की ड्यूटी, कर्तव्यहीनता के आरोप में सस्पेंड

11 नवंबर को ज्वाइन किया, 13 से 16 तक छुट्टी पर रहे, फिर मांगी तीन सप्ताह की छुट्टी होटवार में कैदियों से रिश्वतखोरी व मोबाइल फोन पहुंचाने का आरोप लगने के बाद जेल के बड़ा बाबू सैयद गुलाम दानिश का 7 नवंबर को साहेबगंज मंडल कारा में ट्रांसफर कर दिया गया। हालांकि बड़ाबाबू को साहेबगंज जेल रास नहीं आया आैर वह ज्वाइन करने के अगले ही दिन से छुट्टी पर चले गए। साहेबगंज जेल अधीक्षक ने इसे अनुशासनहीनता, कर्तव्यहीनता आैर आदेश का उल्लंघन माना, जिसके बाद आईजी से कार्रवाई की अनुशंसा की। जेल आईजी ने दो दिसंबर को दानिश को सस्पेंड कर दिया। आईजी के सस्पेंशन अॉर्डर में कहा गया है कि 11 नवंबर को नव पदस्थापित जेल में योगदान देने के बाद अगले ही दिन से वह छुट्टी चले गए। 13 से 16 नवंबर तक आकस्मिक अवकाश लिया। 4 दिनों की छुट्टी खत्म होने के बाद गुलाम दानिश ने पुन: 17 नवंबर से 3 सप्ताह तक अवकाश विस्तार का ईमेल के माध्यम से आवेदन दिया। इसके बाद साहेबगंज जेल अधीक्षक ने 25 नवंबर को दानिश से अवकाश विस्तार के बारे स्पष्टीकरण मांगा। दानिश ने 27 नवंबर को स्पष्टीकरण का जवाब भी काराधीक्षक को दिया। हालांकि जवाब को जेल अधीक्षक ने असंतोषजनक माना और दानिश के कृत्य को अनुशासनहीनता, कर्तव्यहीनता आैर आदेश का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की। जेल अधीक्षक ने आईजी से कार्रवाई की अनुशंसा की, जिसके बाद उसे 2 दिसंबर को सस्पेंड किया गया। पहले भी लगे हैं कई आरोप… गढ़वा जेल में रसोइया से की थी मारपीट, कोडरमा में महिला कक्षपालों ने लगाया था छेड़खानी का आरोप दानिश पर पहले भी गढ़वा आैर कोडरमा जेल में पदस्थापित रहने के दौरान गंभीर आरोप लगे हैं। दोनों ही जगह लगाए गए आरोप जांच में सत्य पाए गए थे, जिसके बाद दानिश के खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी। गढ़वा जेल में प्रभारी कारापाल के रूप में तैनात रहने के दौरान 31 मार्च 2017 की रात मेस के रसोइया हीरालाल रवि उर्फ बड़कू ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने का आरोप लगाया था। आरोप में कहा गया था कि दानिश शराब के नशे में धुत थे। पूरे मामले की जांच मेदिनीनगर केंद्रीय काराधीक्षक से कराई गई थी। 3 अप्रैल 2017 को जांच रिपोर्ट सौंपी गई थी, जिसमें घटना सही पाई गई थी। इसके बाद दानिश के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी। वर्ष 2018 में मंडल कारा कोडरमा में प्रभारी कारापाल के पद पर रहने के दौरान 2 मार्च 2018 की रात 2 महिला कक्षपालों ने छेड़छाड़ व दुर्व्यवहार करने समेत अन्य कई गंभीर आरोप लगाए थे। हजारीबाग सेंट्रल जेल के तत्कालीन अधीक्षक हामिद अख्तर की जांच में दानिश के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए थे, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। होटवार में लगे आरोप की चल रही जांच, सस्पेंड कर अब भेजा गया पलामू रांची के होटवार स्थित सेंट्रल जेल में कुव्यवस्था, अनियमितता आैर सरकारी सेवकों के प्रतिकूल कार्य करने के लगे आरापों की फिलहाज जांच की जा रही है। जेल डायरेक्टर मनोज कुमार को जांच कर पूरी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। जांच पूरी होने से पहले ही अब दानिश को साहेबगंज से भी सस्पेंड कर दिया गया है। सस्पेंशन अॉर्डर जारी होने के बाद दानिश को तत्काल साहेबगंज मंडल कारा से हटा दिया गया है। जारी किए गए सस्पेंशन अॉर्डर में निर्देश दिया गया है कि सैयद गुलाम दानिश का मुख्यालय पलामू स्थित केंद्रीय कारा मेदिनीनगर होगा। मेल पर 3 सप्ताह का अवकाश विस्तार मांगा तो जेल अधीक्षक ने की कार्रवाई की अनुशंसा

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