बड़े चेहरे की तलाश:3 माह में छठी बार आए सीएम, ढाई माह में 4 बड़े आयोजन, वजह- सियासी फोकस

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का मेवाड़ पर इस समय विशेष फोकस नजर आ रहा है। तभी तो पिछले तीन माह में वे 6 बार उदयपुर आ चुके हैं। उदयपुर को पिछले ढाई माह में चार बड़े आयोजन भी मिल चुके हैं। अभी वाटर विजन-2047 राष्ट्रीय कार्यशाला के चलते पूरे देश की नजर उदयपुर पर है। मेवाड़ के कद्दावर भाजपा नेता व उदयपुर शहर विधायक रहे गुलाबचंद कटारिया पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक हैं। ऐसे में फिलहाल मेवाड़ में भाजपा के पास बड़ा चेहरा नहीं है। चित्तौड़गढ़ सांसद सी.पी. जोशी को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, लेकिन वे भी कटारिया की जगह नहीं भर पाए। सीएम भजनलाल बार-बार मेवाड़ आकर यहां के राजनेताओं को उनके बीच होने का सियासी संदेश देने का काम कर रहे हैं। बड़ी वजह ये कि मेवाड़-वागड़ की 28 विधानसभा ‌सीटों में से 17 भाजपा के पास हैं। यहां भाजपा की बढ़त की स्थिति पिछले तीन चुनावों में देखने को मिल चुकी है। जबकि कांग्रेस के पास 6 सीट हैं। बीएपी 4 और निर्दलीय के पास एक सीट है। उदयपुर जिले की 8 विधानसभा सीटों में से 6 सीटों पर भाजपा और सिर्फ दो सीटों पर कांग्रेस काबिज है। वाटर विजन-2047 राष्ट्रीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री के अलावा अन्य राज्यों के सीएम, जल संसाधन मंत्री और अफसर हिस्सा ले रहे हैं। ये हमारे टूरिज्म के लिए भी फायदेमंद है। गणतंत्र दिवस सहित दो राज्य स्तरीय और दो राष्ट्रीय स्तर के आयोजन 14 दिसंबर, 2024 – सरकार का एक साल पूरा होने पर गांधी ग्राउंड में राज्य स्तरीय महिला सम्मेलन। लाभार्थियों को लाभ वितरण, विभागीय प्रदर्शनी सहित सूचना केंद्र में प्रदर्शनी, जिला विकास पुस्तिका का विमोचन जैसे आयोजन हुए।
10 जनवरी – देशभर के महिला एवं बाल विकास मंत्रियों-अधिकारियों का 3 दिन जमावड़ा। केंद्रीय मंत्रालय के इस सम्मेलन में महिलाओं एवं बच्चों के लिए राज्यों के नवाचारों की बेस्ट प्रेक्टिस साझा की।
26 जनवरी – राज्यस्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह गांधी ग्राउंड में हुआ। एक दिन पहले सहेलियों की बाड़ी में एट होम भी हुआ। राज्यपाल, सीएम के अलावा कई मंत्री-अफसर आए। 15 नवंबर, 24 – जनजातीय गौरव दिवस पर नवादि युगधारा प्रणेता समागम में बांसवाड़ा पहुंचे।
14 जनवरी – डांगी-पटेल समाज की खेल प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल होने के लिए उदयपुर आए।
10 फरवरी – चित्तौड़गढ़ जिले के मातृकुंडिया पहुंचे। जयपुर से डबोक एयरपाेर्ट होकर आवाजाही। संभाग में भी भाजपा मजबूत, राजसमंद की सभी 4 सीटों पर काबिज राजसमंद जिले की सभी 4 विधानसभा सीटों पर भाजपा काबिज है। डूंगरपुर जिले की 4 विधानसभा सीट में से 2 पर बीएपी और 1-1 सीट पर भाजपा और कांग्रेस काबिज है। चित्तौड़ जिले की 5 में से 4 विधानसभा सीट भाजपा के पास हैं। चित्तौड़ से भाजपा के बागी चंद्रभान सिंह आक्या निर्दलीय विधायक हैं। बांसवाड़ा जिले की 5 विधानसभा सीटों में से 3 पर कांग्रेस, 1 भाजपा व 1 सीट पर बीएपी काबिज है। प्रतापगढ़ जिले की 2 विधानसभा सीटों में से एक पर भाजपा और 1 सीट पर बीएपी का कब्जा है। डूंगरपुर की 4 विधानसभा सीटों में से 2 सीट पर बीएपी, 1-1 सीट पर भाजपा-कांग्रेस काबिज है। मेवाड़ संभाग में पार्टी की पकड़ को मजबूत बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री खुद मैदान में उतरे हुए हैं। जब तक पार्टी को कोई मजबूत और लोकप्रिय चेहरा नहीं मिल जाता तब तक सीएम की ओर से ही यहां की कमान संभाले रखने की उम्मीद है। साल के आखिरी में स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव हाेने हैं। निगम में लगातार ढाई दशक से भाजपा का कब्जा है। पार्टी किसी भी तरह विपक्ष को मौका नहीं देना चाहती है।

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