मरीजों का डेटा अब एक कार्ड में रजिस्टर्ड रहेगा:एनसीडी कार्ड में रहेगा शुगर-बीपी सहित अन्य बीमारियों का डेटा

प्रदेश के डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हार्ट, चर्म राेग सहित नाॅन कम्युनिकेबल डिजीज के मरीजाें का डेटा अब एक कार्ड में रजिस्टर्ड रहेगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए एनसीडी कार्ड (एनसीडी पासपाेर्ट) जारी किया है। इस कार्ड में मरीज की पूरी केस हिस्ट्री रहेगी। एक तरह से ये कार्ड चलती फिरती मरीज की डायरी हाेगी। एनसीडी की बीमारियाें के मरीज जैसे ही अस्पताल या डिस्पेंसरी में आएंगे, चिकित्सक मरीजाें काे कार्ड बनाकर देंगे। इस एनसीडी पासपाेर्ट कार्ड काे आभा कार्ड से लिंक किया जा रहा है। अभी तक केवल एनसीडी के मरीजाें की रिपाेर्ट बनाने के लिए एक टीम अलग बना रखी थी। ये दवाइयां लेने के दाैरान रजिस्टर में एंट्री करते थे। अब इस कार्ड के जरिए ऑनलाइन रजिस्टर्ड हाेंगे। कोड स्कैन करते ही मिलेगी जानकारी
एनसीडी कार्ड में बार काेड दिया गया है, जिसमें मरीज की पूरी हिस्ट्री अब तक के उपचार व दवाअाें काे लेकर इंद्राज रहेगा। इसे स्कैन करते ही पूरी जानकारी मिल जाएगी। इस कार्ड के जरिए चिकित्सा विभाग ये भी देख सकेगा कि किस क्षेत्र में किस बीमारी के कितने मरीज किस उम्र के बढ़े हैं या बीमारी ठीक हुई है। मरीज की दिनचर्या तक की जानकारी अपडेट रहेगी एनसीडी पासपाेर्ट कार्ड में मरीज का नाम, कब दिखाने के लिए आया, किस चिकित्सक ने जांच की, उस समय ब्लड प्रेशर, शुगर कितनी थी। चिकित्सक ने क्या दवाइयां दी, इन दवाइयाें का क्या असर रहा, अब दवाइयां बदलनी पड़ रही है या दवाई की पावर बढ़ा दी गई सब रिकॉर्ड रहेगा। मरीज तंबाकू, शराब, तला हुआ खाना, नमकीन की वस्तुओं का सेवन कर रहा है या नहीं, चिकित्सक की ओर से बताए गए याेग-प्राणायाम काे शुरू किया है या नहीं, सप्ताह में फल का सेवन कितनी बार किया आदि जानकारी दर्ज रहेगी। जानिए…इस प्रक्रिया से बनवा सकते हैं आभा या हेल्थ कार्ड

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