बदलते मौसम में बिगड़ रही लोगों की सेहत:अकेले राजधानी से रोज वायरल और सर्दी-खांसी के 600 मरीज निकल रहे; डॉक्टरों की सलाह- मन से लें दवाइयां

बदलते मौसम का असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। पिछले तीन से चार दिनों में सरकारी और निजी अस्पतालों में वायरल फीवर, सर्दी-खांसी के मरीजों कर संख्या में इजाफा हुआ है। अकेले राजधानी रायपुर में 600 से ज्यादा मरीज वायरल फीवर जैसे लक्षणों के साथ इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। कुछ केस में ऐसा भी हुआ कि ठीक होने के दो-तीन दिन बाद बीमारी दोबारा लौट रही है। सामान्य सर्दी-खासी या वायरल में ऐसा नहीं होता। इससे मरीजों को लंबे समय तक थकान, चक्कर और काम करने में परेशानी हो रही है। पिछले चार दिनों हर दिन औसतन 600 मरीज को सर्दी-खांसी की शिकायत 3 दिन बाद दोबारा बुखार आए तो डॉक्टर के पास जाएं डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के वायरल फीवर की शुरुआत में आमतौर पर गले में दर्द और हल्का बुखार होता है। शुरुआती 24 से 48 घंटे में मरीज इसे सामान्य समझकर काम पर चला जाता है या घरेलू दवाओं से काम चला लेता है। इसके बाद कुछ दिन बुखार उतर जाता है, लेकिन तीसरे या चौथे दिन अचानक तेज बुखार, शरीर टूटना, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और अत्यधिक कमजोरी के साथ बीमारी फिर उभर आती है। ऐसे में डॉक्टरों की सलाह है कि यदि बुखार 3 दिन बाद दोबारा बुखार आ जाए, कमजोरी लगातार बढ़े, पेशाब कम हो या शरीर में ज्यादा दर्द या चक्कर जैसा लग रहा हो तो डॉक्टर से संपर्क करें और जांच कराएं। बिना जांच कराएं न लें दवाइयां सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी का कहना है कि- “मौसम में उतार-चढ़ाव, बढ़ता प्रदूषण और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण वायरल और बुखार के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। कई मरीजों में डेंगू और मलेरिया जैसे लक्षण भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में बिना जांच दवा लेना खतरनाक हो सकता है। डॉक्टरों की सलाह है कि मरीज ब्लड जांच, प्लेटलेट काउंट सहित जरूरी जांच जरूर कराएं।” ऐसे पहचानें नया वायरल बचाव के जरूरी उपाय डॉक्टरों के मुताबिक लापरवाही इस वायरल को लंबा और गंभीर बना सकती है, इसलिए शुरुआती लक्षणों को हल्के में न लें।

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