भास्कर न्यूज | बेनूर नारायणपुर–कोंडागांव सड़क निर्माण कार्य में हो रही लापरवाही से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। बेनूर बस स्टैंड में बेनूर सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने चक्का जाम कर धरना प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण के नाम पर पूरा मार्ग खोद दिया गया है, लेकिन महीनों से काम सुस्त गति से चल रहा है। इसी बीच माइंस की भारी ट्रकों, चार पहिया व दोपहिया वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क पर धूल का बड़ा गुबार उठता है, जिससे ग्रामीण, दुकानदार और बाइक सवार गंभीर परेशानी झेल रहे हैं। धूल और गड्ढों से बढ़ा दुर्घटना का खतरा : ग्रामीणों का कहना है कि सड़क इतनी खराब हो चुकी है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। धूल के कारण सामने चल रहे वाहन दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया चालकों के फिसलने और टकराने की घटनाएं बढ़ रही हैं। दुकानदारों ने भी शिकायत की है कि धूल की मोटी परत रोज दुकान और सामान पर जम जाती है। सात महीनों से बंद हैं यात्री बसें, छात्र व कर्मचारी परेशान : इस मार्ग पर पिछले सात महीनों से बस संचालन पूरी तरह ठप है। बसों के न चल पाने से ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और सरकारी कर्मचारियों को नारायणपुर– कोंडागांव आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग मजबूर होकर महंगी निजी गाड़ियों या ऑटो का सहारा ले रहे हैं। धरना स्थल पर स्थिति नियंत्रित रखने तहसीलदार, पुलिस अधिकारी और जवान तैनात रहे। प्रशासन ने ग्रामीणों से चर्चा कर आश्वासन दिया कि निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा कर ठेकेदार को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए जाएंगे। ग्रामीणों ने साफ कहा कि अब वे अधूरी सड़क और धूलभरी हवा में जीवन जीने को मजबूर नहीं रहना चाहते। जब तक सड़क सही नहीं बनती और बस सेवा शुरू नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। जानें, लोगों की मुख्य मांगें ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए तीन प्रमुख मांगें रखीं हैं जिसमें माइंस ट्रकों को समय सीमा में चलाया जाए, ताकि बस सेवा दोबारा शुरू हो सके। सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव करवाया जाए, ताकि धूल की समस्या से राहत मिले। मार्ग निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और निश्चित समय सीमा में सड़क पूरा किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।


