सरगुजा संभाग के सभी जिलों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। बरसते पानी में स्वास्थ्य कर्मियों ने रैली निकाली और कलेक्टोरेट का घेराव करने पहुंचे। प्रदर्शनकारी स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कहा कि भाजपा ने चुनाव पूर्व वादा किया गया था कि 100 दिन के भीतर उनका नियमितीकरण किया जाएगा, लेकिन अब तक उन्हें नियमित नहीं किया गया है। नियमितीकरण के साथ ही बीमा एवं अन्य सुविधाएं भी NHM कर्मचारियों के लिए नहीं दी गई हैं। NHM कर्मियों ने सभी जिला मुख्यालयों में धरना दिया। धरना के बाद रैली निकाली गई। इस प्रदर्शन में मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के साथ सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के स्वास्थ्य कर्मी भी शामिल हुए। धरने के बाद रैली निकाल NHM कर्मचारी कलेक्टोरेट का घेराव करने पहुंचे। उन्हें गेट पर ही रोक लिया गया। अपनी मांगों को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपा। अपनी मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
आंदोलन कर रहे कर्मचारियों ने मांग पत्र में कहा है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत लगभग 16 हजार कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। इसमें चिकित्सकीय तथा प्रबंधकीय दोनों ही प्रकार के कैडर में कर्मी सेवाएं दे रहे हैं। राज्य को स्वास्थ्य क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया है। कोरोना काल में कर्मियों ने विषम परिस्थितियों में काम किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारी वर्ष 2018 में निर्मित मानव संसाधन नीति के दिशा निर्देशों के तहत कार्य करते हैं। अब मानव संसाधन नीति में बदलाव की भी आवश्यकता है। ज्ञापन में NHM कर्मियों ने संविदा कर्मियों का सेवाकाल एवं कार्य की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए, अन्य राज्यों की तर्ज पर इनका संविलियन करने की मांग रखी है। एक पृथक पब्लिक हेल्थ कैडर का गठन कर क्लिनिकल और मैनेजमेंट कैडर के कर्मचारियों को इसमें समायोजित करने की मांग भी है। पद, योग्यता एवं कार्य अनुभव के अनुसार समान कार्य के लिए समान वेतन की नीति लागू कर ग्रेड पे निर्धारित करने की मांग भी की गई है। मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान राज्यों में NHM कर्मचारियों हेतु ग्रेड पे व्यवस्था लागू की गई है। मांगें नहीं मानी गई तो तेज होगा आंदोलन
कर्मचारियों के इस विरोध प्रदर्शन के कारण स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रो में स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर पड़ा है।
NHM कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष शिल्पी राय ने बताया कि उनका आंदोलन 10 जुलाई से शुरू किया गया है। 17 जुलाई को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इसके बाद भी मांगें नहीं मानीं गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। अपर कलेक्टर यतेंद्र सिंह ने बताया कि कर्मचारियों ने अपनी मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है और यह ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम पर है सरकार को कर्मचारियों के मांग से अवगत करा दिया जाएगा।


