बर्खास्त SI रामवीर कुशवाह का एक और कारनामा:खुद ही बना डाले गवाह; UP के ड्राइवर की मौत मामले में 210 पेज के चालान में खुलासा

यूपी के ट्रक ड्राइवर की गुना में मौत के मामले में पुलिस ने 58 दिन बाद 210 पन्नों का चालान पेश कर दिया। इसमें 38 गवाहों के बयान हैं। मामले में बर्खास्त एसआई रामवीर कुशवाह रीवा जेल में बंद है। चालान पेश करने के पहले जब पुलिस ने गवाहों के पहले दिए बयान को लेकर उनसे संपर्क किया तो वे चौंक गए। कुछ लोगों का कहना है कि हम इस केस में गवाह हैं, इसकी जानकारी हमें नहीं थी। वहीं, कुछ का आरोप है कि पुलिस ने हस्ताक्षर लिए और बयान अपने हिसाब से दर्ज किए। हमने जो बताया वो तो लिखा ही नहीं गया। दैनिक भास्कर ने पुलिस द्वारा पेश चालान की पड़ताल की। पुलिस से बात कर चालान के कुछ प्वाइंट को समझा। पढ़िए रिपोर्ट… सबसे पहले जानिए पूरा मामला क्या है…? उत्तर प्रदेश के ललितपुर के रहने वाले ड्राइवर माखन कुशवाह की 21 जून 2015 को रूठियाई में जलने से मौत हुई थी। उस समय धरनावदा थाने में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। तत्कालीन थाना प्रभारी SI रामवीर कुशवाह ने केस की पड़ताल की और फिर इसे बंद करने का प्रतिवेदन भेज दिया। अधिकारियों की स्वीकृत के बाद मामला खारिज हो गया था। 6 साल बाद फिर केस ओपन, सुसाइड के लिए उकसाने की FIR
मृतक माखन के पिता बेटे को इंसाफ दिलाने और वास्तविकता जानने के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे। थानों के चक्कर लगाकर थक गए तो साल 2019 में उन्होंने ग्वालियर हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका दायर की। कोर्ट ने केस को फिर से खोलने की अनुमति दी। साल 2019 में ही केस फिर से खुला। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ पहले आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया। जांच बढ़ी तो रामवीर कुशवाह की भूमिका सामने आई। बाद में पुलिस ने कुशवाह के खिलाफ साक्ष्य छिपाने और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं को और जोड़ा। अब समझिए ASI कुशवाह ने कैसे पूरा खेल खेला…? रामवीर को पुलिस ने 27 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया था। मामले में 60 दिन में चालान पेश करना था। धरनावदा पुलिस ने 25 दिसंबर को जिला कोर्ट में 210 पेज का चालान पेश किया। इसमें 28 पेज की कैफियत (डिटेल्ड रिपोर्ट) में पूरी घटना और उसके बाद हुई जांच का ब्योरा दिया गया है। चालान में 38 गवाह बनाए गए हैं। इनमें घटना की सूचना देने वाले, ड्राइवर को जली अवस्था में अस्पताल भेजने वाले, एम्बुलेंस के साथ जाने वाले, पीएम करने वाले डॉक्टर और पुलिसकर्मी शामिल हैं। वो बात, जिसने केस की दिशा को मोड़ दिया
मामले में सबसे अहम भूमिका मृतक माखन की पत्नी की रही। 2015 में जब इस केस में रामवीर कुशवाह ने खात्मा लगाने के लिए पत्र लिखा, तब उनमें बताया गया था कि माखन कुशवाह की पत्नी की मौत हो गई थी, इस कारण वह परेशान रहने लगा था। इसी वजह से उसने खुद पर डीजल डालकर आत्महत्या कर ली थी। पिता ने इसी को आधार बनाया और कहा कि माखन की पत्नी जिंदा है। 2019 में कोर्ट के आदेश पर मामले की फिर से जांच शुरू हुई, तो पता चला कि पत्नी की मौत वाली बात गलत है, वह जिंदा है। माखन से अक्सर विवाद होने पर वह घर छोड़ कर चली गई थी। उसने दूसरी शादी कर ली थी। पुलिस माखन की पहली पत्नी के पास पहुंची और उसके बयान भी लिए। यही पूरे केस में टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। गवाहों के बयान अपने हिसाब से दर्ज किए
चालान में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। जिन गवाहों ने पहले बयान दिए थे, अब पूछताछ में उनके बयान पहले से हटकर आए हैं। पहले के बयानों में जो गवाह घटनास्थल पर मौजूद बताए गए। अब वे कह रहे हैं कि उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है। उन्हें तो यह भी पता नहीं कि वे इस मामले में गवाह हैं। कुछ गवाहों का कहना है कि हमने जो बताया था, वह पूरी तरह से अलग हटकर था। अब पुलिस इस मामले में भी जवाब तलाश रही है कि आखिर सच क्या है। कुछ गवाह, जिनके बयान अलग-अलग सुरेश बंजारा गोलू उर्फ विशाल शर्मा पेट्रोल पंप स्टाफ साक्षी पुरुषोत्तम सैनी साक्षी आशुतोष शर्मा उर्फ आशु पेट्रोल पंप स्टाफ साक्षी गणेश लोधा एक और चश्मदीद ने कहा- गौरव के साथ पंप गया था
घटना दिनांक को गौरव सिकरवार के साथ बाइक से पेट्रोल पंप पर गया था। वहां जले हुए व्यक्ति के पास 2-3 पुलिसवाले और जनता के लोग पहले से मौजूद थे। जले व्यक्ति को एम्बुलेंस स्टाफ द्वारा उठाकर एम्बुलेंस में रखकर गुना अस्पताल तरफ ले जाया गया। एम्बुलेंस में आशु शर्मा बैठकर गया था। सीएसपी के समक्ष एफिडेविट पेश किया है, जिसका स्टाम्प दिनांक 24.09.20 को इश्यू कराया है तथा 25.09.20 को टाइप करवा कर राजकुमारी द्विवेदी से नोटरी कराया गया है। रामवीर कुशवाह इस तरह पहुंचा सलाखों के पीछे रामवीर कुशवाह पर पहले से पांच आपराधिक मामले दर्ज थे। आत्माराम पारदी मर्डर केस में उसे हाई कोर्ट से सितंबर महीने में अग्रिम जमानत मिल गई थी। इसके बाद कई वर्षों से गायब रामवीर कुशवाह गुना आ गया। यहां उसके समर्थक उसका स्वागत करने पहुंचने लगे। उसका फूल मालाओं से स्वागत किया जाने लगा। हालांकि, वह भूल गया कि उस पर पांच और केस भी दर्ज हैं, जिनमें भी उसकी गिरफ्तारी हो सकती है। इसके बाद आत्माराम पारदी केस में इस्तेमाल कार को फ्रॉड तरीके से खरीदने के मामले में उसे 7 अक्टूबर 2025 को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया। रिमांड खत्म होने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। कोर्ट में उसने यह निवेदन किया कि उसे चांचौड़ा जेल भेज दिया जाए। इसके बाद कोर्ट ने उसे चांचौड़ा उप जेल भेज दिया गया। इसी दौरान माखन कुशवाह मामला भी खुल चुका था। इस मामले में भी उसकी गिरफ्तारी होनी थी। धरनावदा पुलिस ने कोर्ट में इसकी फॉर्मल गिरफ्तारी का आवेदन लगाया, जिसके बाद चांचौड़ा उप जेल में ज्यूडिशियल रिमांड में होने पर पुलिस ने कोर्ट से अनुमति लेकर 27 अक्टूबर को उसकी औपचारिक गिरफ्तारी की। बाद में उसे फिर से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। कुछ समय बाद उसे जेल मुख्यालय के आदेश पर चांचौड़ा जेल से रीवा सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया। ये खबरें भी पढे़ं… 1. ट्रक ड्राइवर की मौत केस में बर्खास्त SI रामवीर गिरफ्तार गुना के धरनावदा थाने इलाके में रूठियाई चौकी के पास दस साल पहले ट्रक ड्राइवर की जलकर हुई मौत के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने जांच में तत्कालीन थाना प्रभारी और अब बर्खास्त SI रामवीर कुशवाह की संलिप्तता पाई है। पढ़ें पूरी खबर… 2. पुलिसवाला गुंडा…5 मामलों में नामजद आरोपी आत्माराम पारदी मर्डर मामले में फ्रॉड के आरोपों में गिरफ्तार किए गए बर्खास्त SI रामवीर कुशवाह को ग्वालियर हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। उधर, CID ने इसी केस में कुशवाह को रिमांड पर लेने के लिए जिला कोर्ट में आवेदन लगाया है। पढ़ें पूरी खबर… 3. आत्माराम पारदी मर्डर केस में बर्खास्त SI हिरासत में गुना जिले के चर्चित आत्माराम पारदी हत्याकांड में गवाहों को धमकाने के मामले में फरार चल रहे बर्खास्त SI रामवीर सिंह कुशवाह को पुलिस ने रविवार शाम गिरफ्तार कर लिया है। कुशवाह को कुछ दिन पहले ही हाईकोर्ट से मुख्य हत्याकांड में अग्रिम जमानत मिली थी। पढे़ं पूरी खबर…

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