‘भारत के स्व’ को पहचाने हिंदू समाज:वेशभूषा और संस्कृति पर करें गर्व, सह प्रांत प्रचारक विशाल कुमार बोले, झुंझुनू में हुआ हिंदू सम्मेलन

स्थानीय लावरेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में बुधवार को ‘मंशा माता बस्ती’ द्वारा आयोजित भव्य हिंदू सम्मेलन और कलश यात्रा का आयोजन किया गया। भक्ति और राष्ट्रवाद के संगम वाले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति और गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर एकता का संदेश दिया।
पुष्प वर्षा से महका शहर बस्ती के प्रतिनिधि श्रीकांत पंसारी और उमाशंकर महमिया ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 11:15 बजे चंचलनाथ टीला पीठाधीश्वर ओम नाथ महाराज के सान्निध्य और सह प्रांत प्रचारक विशाल कुमार के मुख्य आतिथ्य में हुआ। 500 से अधिक महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में मंगल कलश धारण किए। डीजे पर बजते भजनों और देशभक्ति गीतों के बीच घोड़ियों और गगनभेदी नारों के साथ यात्रा निकाली गई। यात्रा लावरेश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर रानीशक्ति रोड, चूना चौक, खेतानों का मोहल्ला, तुलस्यानो का मोहल्ला, श्री श्याम मंदिर, चौमालो की कुटिया, पुजारियों का मोहल्ला, दादा बाड़ी, बाल्मीकि बस्ती और पुराना पोस्ट ऑफिस होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुँची। पूरे मार्ग में बस्ती वासियों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का अभिनंदन किया। ‘स्व’ का बोध और सामाजिक एकता विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता सह प्रांत प्रचारक विशाल कुमार ने समाज के सामने राष्ट्र निर्माण का रोडमैप रखा। विशाल कुमार ने जोर देकर कहा कि प्रत्येक भारतवासी को ‘स्व’ का बोध होना चाहिए। हमारी भाषा, वेशभूषा, खान-पान और गौरवशाली संस्कृति ही हमारी असली पहचान है। उन्होंने आह्वान किया कि हमें अपनी विरासत पर संकोच नहीं, बल्कि गर्व होना चाहिए। स्वदेशी: अर्थव्यवस्था की ‘बूस्टर डोज’ उन्होंने आर्थिक स्वावलंबन पर बल देते हुए कहा कि हर नागरिक को स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना चाहिए। भारतीय जीवनशैली और स्वदेशी उत्पादों का उपयोग देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक सशक्त बूस्टर डोज साबित होगा। जातिवाद एक बुराई, धर्म का हिस्सा नहीं जातीय भेदभाव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जातिभेद हिंदू धर्म का मूल भाग नहीं है, बल्कि यह समय के साथ आई एक परिस्थितिजन्य बुराई है। हिंदू समाज में जाति केवल एक सामाजिक व्यवस्था थी, यह किसी के साथ दुर्व्यवहार का आधार नहीं हो सकती। इस भेदभाव को मिटाना हर हिंदू का परम कर्तव्य है। 18 बस्तियों में होंगे सम्मेलन झुंझुनू शहर की 18 बस्तियों में इस तरह के हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पूरे भारत में 1 लाख से अधिक स्थानों पर हिंदू सम्मेलनों का आयोजन कर ‘कृण्वन्तो विश्वार्यम’ (विश्व को श्रेष्ठ बनाने) के संकल्प को दोहराया जा रहा है। ये रहे मौजूद इस अवसर पर विभाग प्रचारक मुकेश कुमार, सुभाष क्यामसरिया, राकेश सहल, प्रवीण स्वामी, पार्षद संदीप चांवरिया, अनिल जोशी, लीलाधर पुरोहित, गोपाल पुजारी, एडवोकेट बाबुलाल, बाबुलाल कुमावत, आशीष कुमावत, ममता जालान, विनोद गोयंका, सुरेश पुरोहित, सचिन और शहर अध्यक्ष कमल कान्त शर्मा सहित बस्ती के सैकड़ों गणमान्य जन मौजूद रहे।

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