भास्कर संवाददाता|सागर उत्तर से आ रही सर्द हवाओं ने सागर शहर समेत पूरे जिले को ठिठुरा दिया है। पिछले 24 घंटों में मौसम का मिजाज तेजी से बदला है, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में 2-2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को दिनभर सूरज की तपिश बेअसर रही और लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। मौसम में आए इस अचानक बदलाव का असर शहरवासियों की सेहत पर दिख रहा है। जिला अस्पताल और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सर्दी, खांसी, बुखार और जोड़ों के दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों के अनुसार, अचानक पारा गिरने से ””वायरल लोड”” बढ़ता है, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। वहीं यदि लगातार तापमान में गिरावट रहती है तो फसलों को पाले के प्रकोप से बचाने कृषि वैज्ञानिक ने मेड़ों पर धुआं करने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 24.5 डिग्री था, जो शनिवार को 2.1 डिग्री की गिरावट के साथ 22.4 डिग्री पर आ गया। वहीं, रात का पारा भी 2 डिग्री लुढ़ककर 10.9 डिग्री पर पहुंच गया है। हवा में नमी का स्तर सुबह 95 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिसके कारण कोहरा और धुंध का असर भी दिखाई दिया। शाम होते-होते नमी 82 प्रतिशत रही। पूर्वानुमान है कि अगले दो दिन सागर में मध्य से घना कोहरा रहने की संभावना है। दिन व रात के तापमान में भी गिरावट अभी जारी रहेगी। रात का तापमान 8 व दिन का तापमान 21 डिग्री तक आ सकता है। कोहरे और गिरते पारे के बीच फसलों की निगरानी जरूरी है। यदि पारा 6 डिग्री से नीचे जाता है, तो किसान खेत की मेड़ों पर सूखा व गीला कचरा जलाकर धुआं करें। इससे खेत के पास का तापमान स्थिर रहता है और फसलें पाले से बचती हैं। गेहूं की फसल में आ रहे पीलेपन को दूर करने के लिए एनपीके (19-19-19) 1 किलो और 300 ग्राम जिंक सल्फेट को 150 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिड़काव करें। धनिया और मसूर में माहू का प्रकोप दिखते ही थायोमेथॉक्सिम 25 अथवा इमिडाकलोपिड 17.5 एसएल की 100 मिली मात्रा को 150 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ में छिड़काव करें। टमाटर, मिर्ची, बैगन, आलू, चना, मसूर में घुलनशील गंधक 400 ग्राम 150 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ में छिड़काव करें।


