बलरामपुर जिले के ग्राम चाकी में जंगली हाथी ने साइकिल सवार ग्रामीण को दौड़ाकर पकड़ लिया और उठाकर कई फुट दूर फेंक दिया। हाथी के हमले में ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को उठाकर ले जाने का विरोध किया तो वनविभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीण की बेटी को चौकीदार की नौकरी एवं हाथियों से बचाव के लिए उपाय का आश्वासन दिए जाने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। जंगली हाथी के हमले से 9 दिनों में चौथी एवं जिले में पांचवीं मौत है। जानकारी के मुताबिक, ग्राम चाकी निवासी ग्रामीण देवनारायण सिंह खैरवार (42) मंगलवार सुबह करीब 8 बजे जंगल के रास्ते से बसकटियापारा की ओर जा रहा था। रास्ते में उसे जंगली हाथी ने देखा तो उसे दौड़ाकर सूंढ़ से पकड़ लिया। हाथी ने उसे उठाकर जोर से दूर फेंक दिया। हाथी द्वारा फेंके जाने पर देवनारायण दूर जा गिरा एवं उसकी मौके पर मौत हो गई। आसपास महुआ बिन रहे ग्रामीण डरकर मौके से भाग निकले और घटना की सूचना ग्रामीणों को दी। लगातार मौत से भड़के ग्रामीण
घटना की सूचना पर जिला पंचायत सदस्य संतोष यादव के साथ ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंच गए। जंगली हाथी के हमले में लगातार मौत से आक्रोशित जिला पंचायत सदस्य एवं ग्रामीणों ने वनविभाग को शव ले जाने से रोक दिया। इसकी जानकारी मिलने पर एसडीओ फारेस्ट अनिल कुमार पैकरा, रेंजर संतोष पांडेय मौके पर पहुंचे। मृतक देवनारायण खैरवार की पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है। उसके दो बच्चे हैं, जिसमें लड़की ममता खैरवार कॉलेज तक पढ़ाई कर चुकी है एवं बेटा नाबालिग है। जिला पंचायत सदस्य संतोष यादव ने देवलाल की बेटी को चौकीदार की संविदा नियुक्ति देने की मांग रखी। अधिकारियों ने इसे स्वीकार कर लिया। ग्रामीणों ने हाथी की ट्रेकिंग के लिए डिवाइस लगाने एवं हाथी से बचाव के लिए सोलर फेंसिंग की मांग की। एसडीओ ने इसके लिए भी आश्वासन दिया है। इसके बाद ग्रामीण मानें। पुलिस ने मृतक के शव को पंचनामा पश्चात पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। दंतैल हाथी ने 9 दिनों में 4 को मारा
ग्रामीण पर हमला करने वाला दंतैल हाथी अब भी पास के जंगल में डटा हुआ है। उक्त हाथी झारखंड से छत्तीसगढ़ सीमा में घुसा है। इस हाथी ने पिछले एक सप्ताह में चार लोगों को मार डाला है।


