बलिया में फौजी बेटे-मां की एक साथ उठी अर्थी:दो शव देख पत्नी बेहोश, बेटे की मौत की खबर मिलते ही मां ने जान दी थी

बलिया के बीएसएफ जवान मनोहर पांडेय (39) और उनकी मां का शव पैतृक गांव पहुंचा। दोनों के शव पहुंचते ही पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। पति और सास की लाश देख पत्नी रोते-रोते बेहोश हो गई। पानी के छींटें डालकर उन्हें होश में लाया गया। होश में आते ही पत्नी पति की लाश से लिपटकर रोने लगीं। पास में खड़ी 13 साल की बेटी भी फूट-फूटकर रोती रही। परिवार के लोगों ने किसी तरह दोनों को संभाला, साथ ही भी रोते रहे। बाद में एक साथ दोनों की अर्थी सजाई गई। 1000 से ज्यादा लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। भीड़ ज्यादा होने के चलते लोग छतों पर चढ़कर मां-बेटे को अंतिम बार निहारते नजर आए। नम आंखों के साथ गांव में अंतिम यात्रा निकाली गई। 3 तस्वीरें देखिए बीएसएफ जवान की मौत के बाद मां ने किया था सुसाइड
बीएसएफ जवान मनोहर पांडेय की चंडीगढ़ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उनको ब्रेन ट्यूमर था। बेटे की मौत की खबर सुनते ही 3 अक्टूबर को उनकी मां बसंती देवी (65) ने फंदे से लटककर जान दे दी थी। मनोहर का शव सुबह करीब 7.30 बजे फ्लाइट से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचा। वहां से सड़क मार्ग से उनके पैतृक गांव फेफना थाना क्षेत्र के नसीराबाद लाया गया। वहीं, बसंती देवी के शव काे भी पोस्टमॉर्टम के बाद गांव लाया गया। 2008 में BSF में भर्ती हुए थे मनोहर
नसीराबाद में रहने वाले मनोहर पांडेय 2008 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे। उन्हें पहली पोस्टिंग दिल्ली में मिली थी। 2012 में उनकी शादी अन्नू से हुई थी। परिवार में 2 बेटियां हैं। बड़ी बेटी माही (13) और छोटी बेटी एक महीने की है। पिता का साया बचपन में ही उठ गया था
मनोहर जब सिर्फ 3 साल के थे, तभी उनके पिता शारदानंद पांडेय की मौत हो गई थी। मां बसंती देवी ने संघर्ष कर अकेले बेटे को बड़ा किया और फौजी बनाया। लेकिन, मनोहर पिछले कुछ सालों से ब्रेन ट्यूमर से जूझ रहे थे। 2018 में पहला ऑपरेशन हुआ था। फिर जनवरी, 2025 में दूसरा ऑपरेशन चंडीगढ़ में हुआ था। 2 अक्टूबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पति और सास दोनों को खोने के बाद अब अन्नू पांडेय पूरी तरह से अकेली हो गई हैं। बहू और पोतियां चंडीगढ़ में थे, मां ले लगा लिया फंदा
मां बसंती देवी ने जैसे ही बेटे मनोहर पांडेय की मौत की खबर सुनी, तो सदमे में आ गईं। वो घर में अकेली थीं। बहू और पोतियां चंडीगढ़ में थीं। इसी सदमे में उन्होंने घर के आंगन में फंदा लगाकर जान दे दी। 3 अक्टूबर की सुबह जब आसपास के लोगों ने बसंती देवी का शव लटका देखा, तो पुलिस को सूचना दी। उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बसंती देवी के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। वहीं, मनोहर की पत्नी अन्नू और दोनों बेटियां उनके पार्थिव शरीर के साथ चंडीगढ़ से आईं। मनोहर के पार्थिव शरीर के आने के बाद मां का शव भी गांव लाया गया। उसके बाद दोनों के शव गंगा नदी के घाट पर ले जाए गए। वहां शाम 6 बजे मनोहर के चाचा के बेटे दीपक पांडे ने दोनों शवों को मुखाग्नि दी। जितेंद्र बोले- दोस्त की मौत का यकीन नहीं हुआ
अंतिम संस्कार में पहुंचे मनोहर के दोस्त जितेंद्र कुमार पांडे ने बताया- मनोहर खुशमिजाज और एक्टिव रहते थे। हम लोग साथ में पढ़े थे। बीते दिन उनके निधन की खबर मिली तो यकीन नहीं हुआ। यहां आए तो पता चला कि उनकी मां ने भी सदमे में आकर जान दे दी। ———————- ये खबर भी पढ़ें फर्रुखाबाद के कोचिंग सेंटर में विस्फोट, 2 की मौत:शवों के चीथड़े उड़े, 5 बच्चे गंभीर घायल, बाइक 50 फीट दूर जा गिरीं यूपी में फर्रुखाबाद के कोचिंग सेंटर में शनिवार को धमाका विस्फोट हो गया। इसमें 2 युवकों की मौत हो गई, जबकि 5 बच्चे घायल हुए हैं। यहां लाइब्रेरी भी चलती थी। घायलों को तत्काल लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। धमाके की आवाज एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। शवों के चीथड़े उड़ गए। पूरी खबर पढ़ें

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