प्रतापगढ़ में निजी बस ऑपरेटरों ने अपनी विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सचिवालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इससे पहले, 24 जनवरी को बस ऑपरेटरों ने एकदिवसीय बस बंद रखकर सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया था। फिटनेस कार्यालयों को फिर से खोलने की मांग ज्ञापन में प्रमुख रूप से फिटनेस कार्यालयों को फिर से खोलने, चुनाव में निजी बसों का किराया पड़ोसी राज्यों पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश के समान करने तथा चुनाव ड्यूटी में लगे वाहनों का टैक्स माफ करने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीयकृत मार्गों पर अन्य मार्गों की बसों को ओवरलैप में 25 किलोमीटर के स्थान पर 50 किलोमीटर की छूट देने, लोक परिवहन सेवा के परमिट की अवधि 10 वर्ष करने और वाहन बदलने व नए आवेदन में 3 वर्ष पुरानी बस की शर्त लागू करने की मांग भी रखी गई। बस ऑपरेटरों ने स्लीपर कोच एवं टूरिस्ट बसों पर नया टैक्स केवल एआईटीपी परमिट वाले वाहनों पर लागू करने, मध्य प्रदेश की तर्ज पर ₹200 प्रति सीट प्रतिमाह निर्धारित करने और टीपी की वैधता 24 घंटे रखने की मांग की। साथ ही, उपनगरीय क्षेत्रों में अन्य मार्गों को जोड़ने, सीनियर सिटीजन एवं महिलाओं को निजी बसों में छूट देने तथा उसकी राशि रोडवेज की तरह टैक्स में समायोजित करने की मांग भी की गई। गलत रजिस्ट्रेशन करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग ज्ञापन में स्टेज कैरियर बसों से लगेज सुविधा बंद नहीं करने, एमनेस्टी योजना लागू करने, बॉडी कोड नियम 153 लागू होने से पूर्व की बसों को यथावत रखने और ओवरहैंग पर केंद्र द्वारा निर्धारित 5000 रुपए जुर्माना लेकर वाहन को सही मानने की मांग शामिल रही। इसके अलावा, तथ्यों के अभाव में किए गए अल्टरेशन चालानों को निरस्त करने तथा गलत रजिस्ट्रेशन करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग भी की गई। बस ऑपरेटरों ने निजी बसों पर जबरन चालान व जब्ती की कार्रवाई रोकने तथा अवैध टेंपो, मैजिक, टेंपो क्रूजर एवं ऑटो को रूट से बंद करने की मांग की। यह ज्ञापन प्राइवेट बस संगठन के अध्यक्ष साकिर खान के नेतृत्व में बस ऑपरेटरों द्वारा सौंपा गया।


