भास्कर न्यूज |लुधियाना यूनाइटेड फ्रंट ऑफ ट्रेड यूनियंस लुधियाना, जिसमें एटक, इंटक, सीटू और सीटीयू पंजाब ने शहीद कर्नैल सिंह ईसड़ू भवन में मजदूरों की संयुक्त कन्वेंशन आयोजित की। इस दौरान 12 फरवरी की देशव्यापी आम हड़ताल की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। आगुओं ने विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे, जिनमें चार लेबर कोड रद्द कर पुराने श्रम कानून बहाल करने, मनरेगा कानून को पुनः लागू करने, बिजली संशोधन बिल 2025 को वापस लेने और बीज बिल 2025 के कथित हानिकारक प्रभावों का विरोध शामिल रहा। यह भी फैसला लिया गया कि सभी यूनियनें अपने-अपने संस्थानों में हड़ताल करेंगी, गेट रैलियां आयोजित करेंगी और इसके बाद परंपरा के अनुसार लुधियाना बस स्टैंड पर एक संयुक्त रैली की जाएगी। बैठक में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस श्री सूर्यकांत द्वारा ट्रेड यूनियनों के संबंध में की गई टिप्पणियों का कड़ा विरोध किया गया। एक प्रस्ताव पारित कर मांग की गई कि सुप्रीम कोर्ट ट्रेड यूनियनों के बारे में की गई कथित निराधार और गलत टिप्पणियों को वापस ले। नेताओं ने कहा कि आजादी के आंदोलन में ट्रेड यूनियनों के योगदान की सराहना करने के बजाय मजदूर विरोधी बयान देना दुर्भाग्यपूर्ण है। अध्यक्ष मंडल में विजय कुमार, गुरजीत सिंह जगपाल, जगदीश चंद और हनुमान प्रसाद दूबे शामिल थे। सम्मेलन की शुरुआत गुरु रविदास जी के जन्म दिवस की बधाई देकर की गई। कई प्रमुख नेताओं और प्रतिनिधियों ने भी सभा को संबोधित किया।


