भास्कर न्यूज | लुधियाना शहर का मुख्य बस स्टैंड 2006 में बना था। जो आज बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। हालात ऐसे हैं कि सीवरेज पाइप चूहों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दी गई हैं, जिसके चलते रोजाना सीवरेज जाम की समस्या बनी रहती है। प्लेटफॉर्म पर गंदगी और बदबू आम बात हो गई है। दो दिन पहले ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत भुल्लर ने बस स्टैंड का दौरा कर निरीक्षण किया था, लेकिन इसके बावजूद हालात में कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहा। यात्रियों का आरोप है कि न तो सफाई व्यवस्था दुरुस्त है और न ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम। बस स्टैंड परिसर में पुलिस चौकी बनी हुई है, लेकिन वहां तैनात कर्मचारी दिखाई नहीं देते। मुख्य गेट पर पीसीआर का केबिन बना है, जिस पर अक्सर ताला लटका रहता है। यात्रियों का कहना है कि बस स्टैंड में प्रवेश करने वाले किसी भी व्यक्ति की कोई जांच नहीं होती। यात्री फिरोज मास्टर ने बताया कि पहले भी विदेशी एजेंसियों से धमकियां मिल चुकी हैं, बावजूद इसके सुरक्षा के कोई सख्त इंतजाम नहीं हैं। उन्होंने बताया कि पीसीआर कैबिन तो बना है मगर उस पर ताला लटका हुआ है कोई पुलिस मुलाजिम नज़र नहीं आता है । {20 कर्मचारी डीसी रेट पर रखे: सफाई और बाथरूम का ठेका 31 जनवरी को समाप्त हो गया है। फिलहाल 20 कर्मचारी डीसी रेट पर रखे गए हैं, जो सफाई का काम देख रहे हैं। 15 फरवरी को ऑनलाइन टेंडर के जरिए नई कंपनी को ठेका दिया जाएगा। – राकेश कुमार, सुपरवाइजर, बस स्टैंड {बस स्टैंड को अपग्रेड किया जाएगा: सीवरेज पाइप चूहों के कारण खराब हो चुकी हैं। अगले तीन महीनों में पब्लिक -प्राइवेट -पार् टनरशिप (PPP) स्कीम के तहत बस स्टैंड को हैंडओवर किया जाएगा और इसका नया स्वरूप तैयार किया जाएगा। पंजाब के 11 बस स्टैंडों को भी इसी योजना के तहत अपग्रेड किया जाएगा। -नवराज बातिश, जीएम, बस स्टैंड पी सी आर के केबिन में लगा ताला बंद पड़ा सीवरेज लॉकर रूम को लगा ताला चमकौर सिंह, सरहाली ने भी सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि बस स्टैंड में गंदगी और अव्यवस्था का आलम है। हर जगह गंदगी के ढेर लगे हुए है और सीवरेज के पानी की बदबू फैली हुई है उन्होंने कहा शहर का इतना बड़ा बस स्टैंड और कोई व्यवस्था नहीं है। नो पार्किंग में खड़े वाहन कूड़े का ढेर वहीं, यात्री चितरंजन कुमार ने आरोप लगाया कि लॉकर रूम वर्षों से बंद पड़ा है, जिसका फायदा कुछदुकानदार उठा रहे हैं। वे यात्रियों से बैग रखने के बदले 100 रुपये प्रति बैग वसूल रहे हैं। अगर किसी यात्रीको सामान रखकर कहीं जाना हो तो उसे मजबूरी में पैसे देने पड़ते हैं।


