चूरू में एक बहू की ससुराल में मुंह दिखाई के लिए हेलिकॉप्टर की स्पेशल लैंडिंग कराई गई। डॉक्टर दूल्हा अपनी मां की इच्छा को पूरी करने के लिए हिसार (हरियाणा) से हेलिकॉप्टर में दुल्हन को लेकर गांव पहुंचा और मुंह दिखाई के बाद फिर हिसार के लिए उड़ गए। युवक-युवती दोनों डॉक्टर हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग दूल्हा-दुल्हन के साथ ही हेलिकॉप्टर को देखने पहुंचे। जिले के सिद्धमुख इलाके की ढाणी चाहर वाली निवासी डॉ. राजन चाहर की शादी 4 दिसंबर को हरियाणा के हिसार के पास छानी बड़ी निवासी डॉ. तनिष्का कुल्हरी से हुई है। दोनों परिवार अभी हिसार में रहते हैं। इस कारण 5 दिसंबर को दूल्हा केवल दुल्हन की मुंह दिखाई के लिए हेलिकॉप्टर से गांव आया था। यह रस्म पूरी होने के के बाद फिर दोनों हेलिकॉप्टर से हिसार के लिए उड़ गए। दूल्हा-दुल्हन अपनी एमबीबीएस और एमडी की पढ़ाई पूरी कर चिकित्सा क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। सबसे पहले देखिए हेलिकॉप्टर लैंडिंग की 3 PHOTOS… मां का सपना था बहू हेलिकॉप्टर से आए दूल्हे डॉ. राजन की मां मोहनी देवी का यह सपना था कि उनकी बहू हेलिकॉप्टर से ससुराल आए। अपने मां की इस हार्दिक इच्छा को पूरा करने के लिए डॉ. राजन ने विशेष रूप से एक हेलिकॉप्टर बुक करवाया था।इस आयोजन के लिए प्रशासन की ओर से पुलिस और फायर ब्रिगेड का भी पूरा प्रबंध किया गया था। पूरे क्षेत्र के लिए यह घटना आकर्षण का केंद्र बनी रही, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हुए। भात में 51 पौधे लेकर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश इस शादी में एक और खास बात यह रही कि डॉ. राजन के पिता समाजसेवी नवीन चौधरी ने भात रस्म में नकदी या कोई भी वस्तु स्वीकार करने के बजाय 51 पौधे लेकर सामाजिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। पारंपरिक लोकगीतों और रीति-रिवाजों के साथ हुई शादी शहर में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी करने वाले इस डॉक्टर दंपती की इच्छा थी कि वे अपनी शादी की रस्मों को शहर के बजाय अपने गांव में पारंपरिक लोकगीतों और रीति-रिवाजों के साथ संपन्न करें। यह नई पीढ़ी का स्थानीय लोक संस्कृति के प्रति जुड़ाव दर्शाता है। डॉ. राजन रेडियोलॉजिस्ट के रूप में उदयपुर में प्रैक्टिस करते हैं। हिसार की रहने वाली हैं डॉ. तनिष्का डॉ. राजन के साथ सात फेरे लेने वाली डॉ. तनिष्का हिसार के सेक्टर 16-17 की रहने वाली हैं। उनके पिता प्रदीप कुलड़िया हैं, जिनका क्रेशर का कारोबार है। डॉ. तनिष्का जयपुर में गायनी में एमडी कर रही हैं। वहीं, भतीजे के पिता नवीन चौधरी हिसार के सेक्टर 15 में रहते हैं। इनका पैतृक गांव चूरू में हैं। हिसार से वह दुल्हन को पैतृक गांव सिद्धमुख ढाणी चाहर लेकर आए। आधे घंटे में हिसार से गांव पहुंचे डॉ. राजन चाहर ने दैनिक भास्कर एप से बातचीत में बताया कि हेलिकॉप्टर घंटे के हिसाब से चार्ज लेता है। हिसार से उनका गांव ढाणी चाहर 70 किमी पड़ता है। 70 किमी दूर जाने के लिए हेलिकॉप्टर को आधा घंटा लगा। डॉ. राजन ने बताया कि मुंह दिखाई के कार्यक्रम के लिए उनको गांव पनिहार में हेलिकॉप्टर लैंड करवाना पड़ा। हालांकि, इसके लिए कोई एक्स्ट्रा चार्ज कंपनी ने नहीं लिया। डॉ. राजन ने बताया कि उनके साथ हेलिकॉप्टर में 4 सदस्य और थे। माता मोहिनी देवी, भाई डॉ. कमल चौधरी, पापा नवीन चौधरी और पत्नी डॉ. तनिष्का। फॉर्म हाउस पर वर-वधु ने केट काटा वहीं, हेलिकॉप्टर से वर-वधु के पहुंचने के बाद ग्रामीण एकत्रित हुए। परिवार व गांव की महिलाओं ने वर-वधु के स्वागत में गीत गाए। इसके बाद बारात फॉर्म हाउस पहुंची और जलपान किया। यहां डॉ. राजन और उनकी पत्नी डॉ. तनिष्का की केक कटिंग सेरेमनी की गई। करीब 20 मिनट यहां रुकने के बाद दूल्हा-दुल्हन हेलिकॉप्टर से रवाना हो गए।


