‘बांग्लादेश उदय से आज तक’ विषय पर इंदौर में व्याख्यान:जमात, रोहिंग्या और तब्लिक संगठन भारत के लिए नासूर- डॉ. सप्तर्षी बासु

बांग्लादेश में वर्तमान परिस्थितियों चिंताजनक हो गई है। यह भारत के लिए नासूर बनती जा रही है। मुगलिस्तान का नारा बुलंद हो रहा है। वेस्ट वेस्ट बंगाल से नेपाल तक जमात, रोहिंग्या और तब्लिक जैसे संगठन अपना जाल फैला रहे हैं। ये बातें संस्था उन्नत सोशल ह्यूमैनिटी संगठन द्वारा आयोजित बांग्लादेश उदय से आज तक विषय पर व्याख्यान में चिंतक, लेखक डॉ. सप्तऋषि बासु ने आनंद मोहन माथुर सभागृह में कही। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों द्वारा मां भारती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता ब्रिगेडियर सुभाष कुलकर्णी, डॉ. सप्तऋषि बासु, ब्रिगेडियर सौरभ जैन, गुरप्रीत सिंह भाटिया, समाजसेवी अभय सिंह राठौड़, डॉ. राकेश शिवहरे, डॉ. निशांत खरे, मेजर कार्णिक आदि रहे। संस्था अध्यक्ष अशोक अधिकारी ने संस्था का परिचय देते हुए बताया कि 2019 से लगातार 6 वर्षों से संस्था द्वारा समसामयिक और ज्वलंत मुद्दों को चिंतन स्वरूप में समाज के सामने लाया जा रहा है। संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, संस्कार और युवा पीढ़ी के साथ महिलाओं के प्रशिक्षण में अग्रसर है। अशोक अधिकारी ने यह भी बताया कि बांग्लादेश उदय से पहले और आज जो स्थितियां निर्मित हो रही हैं, उसमें पड़ोसी देशों का सहयोग भी है। अतिथियों का स्वागत संस्थापक सदस्य अखिलेश नेमा, रामकृष्ण पाटीदार, अंबर जैन, अशोक कोठारी, संध्या यादव, भारत भूषण, शिव शंकर, सुब्रत सरकार, विश्वजीत मालिक आदि ने शाल श्रीफल एवं अंग वस्त्र से किया। इस दौरान कई बार देशभक्ति व आध्यात्मिक नारे भी लगते रहे। प्रमुख रूप से वंदे मातरम, भारत माता की जय, जय महाकाली, हर हर महादेव का जय घोष गूंजता रहा। आभार चेतन नागर ने माना। 1971 जैसे हालात आज फिर से बांग्लादेश में— ब्रिगेडियर सुभाष एम कुलकर्णी ने बताया कि बांग्लादेश में वर्तमान स्थितिया दयनीय है। महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं वहां पर हिंदुओं के साथ अत्याचार हो रहे हैं जय बांग्ला बोलना मुमकिन नहीं है जो हालात 1971 में थे वह आज फिर से निर्मित हो गए हैं। ब्रिगेडियर कुलकर्णी ने बताया कि हमको इतिहास जानना जरूरी है, जो इतिहास को भूलता है तो आने वाला समय इतिहास को पुनः दोहराने को मजबूर हो जाता है। हमने जो गलतियां की उसका परिणाम है कि आज हमको बांग्लादेश का दंश फिर से झेलना पड़ रहा है। ब्रिगेडियर कुलकर्णी ने ऑपरेशन विजय गोवा संग्राम की विस्तृत जानकारियां सबके बीच रखी और यह भी बताया कि भारत को अंदर के आक्रामणों से बचाना आज भी चुनौती बना हुआ है। हर सिटीजन को सोलजर बनने की आवश्यकता डॉ. निशांत खरे ने भारतीय सेना के बारे में बताते हुए कहा कि 1948, 62, 65, 71 और 91 में अलग-अलग युद्ध हुए और सभी हमारे सैनिकों ने वीरता का जज्बा दिखाते हुए विजय प्राप्त की, आज के समय में हर सिटीजन को सोलजर बनने की आवश्यकता है। डॉ. खरे ने बताया कि हम आसपास की गंदगी को रोक सकते हैं कचरा यहां वहां ना फैलाएं, ट्रैफिक सिग्नल पर सलीके से नियम अनुसार चलेंगे तो भी हम देश की सेवा में अग्रसर रहेंगे इस प्रकार छोटे-छोटे जागरूकता के काम कर हम सिटीजन सोल्जर बन सकते हैं और देश सेवा कर सकते हैं। पाकिस्तान के संपर्क में बांग्लादेश की आतंकी संगठन डॉ. सप्तर्षी बासुचिंतक विचारक लेखक डॉ. सप्तऋषि बासु ने कई अनसुलझे मुद्दों पर अपनी राय बेबाकी की के साथ रखी। उनका अंदाज इतना शालीन लग रहा था कि लोग उन्हें सुनते ही गए। डॉक्टर बासु ने बताया कि जमात, रोहिंग्या तब्लिक जैसे आतंकी संगठन बंगाल में भारत के लिए नासूर बना रहे हैं यह पाकिस्तान के संपर्क में भी हैं। बांग्लादेश एक ड्रग हाईवे बना हुआ है, जहां नशे का अवैध कारोबार होता है। डॉ सप्त ऋषि बसु ने बताया कि पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान ,कंबोडिया, म्यांमार के बीच में बांग्लादेश नारकोटिक्स का गढ़ बना हुआ है यहां अवैध गतिविधियां होतीहै। डॉ सप्त ऋषि बासु यह भी बताया कि बांग्लादेश में 8 साल से 16 साल तक के बच्चे नशे व अवैध गतिविधियों में लिप्त हो रहे हैं यहां पर 14 से 16 साल के बच्चे जिन्हें चॉकलेट बॉयज के नाम से जाना जाता है यह बेहद घातक है हर तरह का अपराध बांग्लादेश को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। डॉ. सप्तर्षी बासु ने यह बताया कि बांग्लादेश में इंजीनियरिंग कॉलेज में युवा आतंकी संगठनों के संपर्क में बने हुए हैं सीरिया से पलायन कर जिन लोगों ने बांग्लादेश को अपना ठिकाना बनाया वह भारत के लिए घातक है, बांग्लादेश में सोशल मीडिया पर अनेक संगठन संदिग्ध है बांग्लादेश एक ब्लैक होल स्टेट की ओर बढ़ रहा है। वीर सैनिकों का किया सम्मान इस अवसर पर संस्था उन्नत की ओर से मेजर जनरल वीएस कार्णिक, जल सेवा के डॉक्टर सवरलाल शर्मा, वीरांगना संध्या कुलकर्णी, केपी श्रीजी, सुशील कुमार चक्रवर्ती, ओपी जैसवाल, शरद विद्या एयरफोर्स, नेवी से एनएल परदेसी, कैप्टन एस सीपांडे, मनीष पांडे आदि सेवानिवृत्ति सैनिकों का सम्मान किया गया।

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