बांयी तट नहर की लाइनिंग टूटी.. समय कम, इसलिए ठेकेदार नहीं आ रहे आगे

हसदेव दर्री बराज से निकली बांयी तट नहर की लाइनिंग पूरी तरह टूट गई है। 4 से 18 किलोमीटर नहर की लाइनिंग के लिए 23 करोड़ का टेंडर किया गया है। लेकिन ठेका कंपनियों ने अभी काम करने से ही इनकार कर दिया है। दो ठेका कंपनियों ने तो अभी अनुबंध ही नहीं किया है। इससे खरीफ में सिंचाई पर प्रभाव पड़ सकता है। 1 महीने बाद बारिश का सीजन भी शुरू हो जाएगा। ऐसे में मरम्मत भी नहीं हो पाएगी। हसदेव बांगो बांध की सिंचाई क्षमता 2 लाख 47 हजार हेक्टेयर है। जिसमें से 1 लाख 47 हजार हेक्टेयर में बांयीं तट नहर से सिंचाई होती है। नहर की लाइनिंग जगह-जगह से टूट गई है। जिसके कारण पिछले 3 साल से सिंचाई प्रभावित हो रही है। दांयीं तट नहर की हालत अच्छी है। कोरबा जिले के तहत 18 किलोमीटर नहर का हिस्सा आता है। इसकी मरम्मत के लिए ही 23 करोड़ की मंजूरी मिली है। तीन अलग-अलग ठेका कंपनियों को यह काम मिला हुआ है। लेकिन रबी फसल की सिंचाई के लिए पानी छोड़ने के कारण मरम्मत का काम ही शुरू नहीं हो पाया। सिंचाई के लिए 30 अप्रैल तक पानी छोड़ा गया। इस वजह से ठेका कंपनियां कम समय को देखते हुए काम करने से ही अब इंकार कर रही हैं। एक ठेका कंपनी ने खरीफ फसल की सिंचाई के बाद अक्टूबर से काम करने की सहमति देते हुए अनुबंध किया है। दो कंपनियों ने अनुबंध करने से ही मना कर दिया। इससे अब आगे सिंचाई का काम प्रभावित हो सकता है। इससे अधिकारी भी डरे हुए हैं। उनका कहना है कि लाइनिंग में सुधार नहीं होने पर कभी भी नहर टूट सकती है। इससे आसपास की बस्तियों को नुकसान हो सकता है।

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