बांसवाड़ा जिले के गढ़ी कस्बे में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग की ओर से गढ़ी तहसील कार्यालय में खाद्य लाइसेंस और पंजीकरण से जुड़ा शिविर लगाया गया। इसमें खाद्य कारोबारियों के 40 आवेदन मौके पर स्वीकार किए गए, जिनकी जांच के बाद 5 नए लाइसेंस और 35 पंजीकरण जारी किए गए। यह प्रक्रिया राज्य खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देशों के तहत व्यापारियों को नियमों से जोड़ने के उद्देश्य से की गई। शिविर गुरुवार को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चला, जिसमें गढ़ी और आसपास के क्षेत्रों के व्यापारी शामिल हुए। मौके पर हुई आवेदनों की जांच और प्रक्रिया शिविर के दौरान खाद्य कारोबारियों से प्राप्त आवेदनों की तुरंत जांच की गई। आवश्यक डाक्यूमेंट्स पूरे पाए जाने पर लाइसेंस और पंजीकरण की प्रक्रिया उसी समय पूरी की गई, जिससे व्यापारियों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। पांच लाइसेंस और 35 पंजीकरण जारी खाद्य सुरक्षा अधिकारी उम्मेद मल टेलर ने बताया कि 12 लाख रुपए से अधिक टर्नओवर वाले पांच दुकानदारों को खाद्य लाइसेंस जारी किए गए। वहीं, इससे कम टर्नओवर वाले 35 छोटे व्यापारियों का पंजीकरण किया गया। इसमें किराणा स्टोर, डेयरी, मिठाई दुकान और होटल संचालक शामिल रहे। बिना लाइसेंस खाद्य व्यवसाय दंडनीय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ खुशपाल सिंह राठौड ने व्यापारियों को जानकारी दी कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत बिना लाइसेंस खाद्य व्यवसाय करना दंडनीय अपराध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी खाद्य कारोबारियों के लिए लाइसेंस या पंजीकरण अनिवार्य है। शाम तक चला शिविर, ग्रामीण क्षेत्र से भी पहुंचे व्यापारी शिविर सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चला। इस दौरान गढ़ी कस्बे के साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों से आए व्यापारियों ने आधार कार्ड, फोटो और बिजली बिल सहित आवश्यक डाक्यूमेंट्स जमा कराए। अधिकारियों ने सभी आवेदनों की जांच कर प्रक्रिया पूरी की। आगे भी जारी रहेगी यह व्यवस्था विभाग की ओर से बताया गया कि भविष्य में भी इस तरह की व्यवस्था जारी रखी जाएगी, ताकि कोई भी खाद्य कारोबारी बिना पंजीकरण या लाइसेंस के व्यवसाय न करे और सभी नियमों की पालना सुनिश्चित हो सके।


