बांसवाड़ा में बच्चों और पेरेंट्स ने स्कूल पर लगाया ताला:ग्रामीण बोले-कई बार शिकायत कर चुके, बच्चों की पढ़ाई नहीं हो रही

बांसवाड़ा के सरकारी स्कूल में टीचर की कमी को लेकर स्टूडेंट्स और पेरेंट्स ने गेट पर ताला लगा दिया। ग्रामीणों का कहना था कि- इसे लेकर पहले भी बता दिया था लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। मामला जिले के आनंदपुरी ब्लॉक के बड़लिया ग्राम पंचायत स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में सोमवार का है। इस दौरान स्टूडेंट ने हंगामा किया और स्कूल गेट पर ताला लगा दिया। 42 में से 25 पद खाली, सुबह केवल चार टीचर थे मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि 42 स्वीकृत शिक्षक पदों में से 25 रिक्त है। वर्तमान में मात्र 17 टीचर पोस्टेड है। इनमें कई नियमित रूप से उपस्थित नहीं होते। सोमवार सुबह 9:30 बजे तक स्कूल में केवल चार टीचर ही थे। ऐसे में कक्षा पहली से बारहवीं तक के सभी विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्र-छात्राओं ने भी स्थिति की गंभीरता बयां करते हुए कहा कि कई बार 15 से 20 दिन तक उपस्थिति तक नहीं ली जाती। इसके कारण बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि कम हो रही है। इसलिए बच्चे स्कूल भी नहीं आ रहे। गांव के कैलाश चंद्र भावोर, राकेश कुमार पारगी, अशोक पारगी ने बताया कि शिक्षकों की कमी के कारण विज्ञान और कला संकाय की पढ़ाई भी ठीक से नहीं हो पा रही है। विज्ञान वर्ग में जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित के विषयों की वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है, जो विद्यार्थियों के हित में नहीं है। ग्रामीण बोले- शिक्षा विभाग के अधिकारी निरीक्षण सिर्फ औपचारिकता के लिए करते हैं बीएपी ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश पारगी ने बताया कि यह समस्या पहली बार नहीं है। इससे पहले भी अभिभावकों ने इसी तरह प्रदर्शन किया था और विभाग से सुधार का आश्वासन मिला था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी निरीक्षण केवल औपचारिकता के लिए करते हैं और वास्तविक समस्याओं को नजरअंदाज किया जाता है। शिक्षक भौतिक सत्यापन ड्यूटी पर थे हंगामे के बाद जब कुछ शिक्षक विद्यालय पहुंचे तो अभिभावकों ने उनसे देरी का कारण पूछा, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। प्रधानाचार्य संजय दोसी ने बताया कि कुछ शिक्षक भौतिक सत्यापन ड्यूटी पर लगे होने के कारण उपस्थित नहीं हो पाए। ग्रामीण अभिभावकों ने सरकार और शिक्षा विभाग से रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती करने तथा नियमित अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

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