बागीदौरा के पीपलोद गांव में ग्राम पंचायत की बिना अनुमति के नहरी भूमि पर मोबाइल टावर लगाने पर राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने आदेश दिए है। हाईकोर्ट ने बांसवाड़ा कलेक्टर और बागीदौरा एसडीएम को ग्रामीणों की परिवेदना की सुनवाई 30 दिन में करने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता पीपलोद निवासी ग्रामीण अम सिंह, वालेंग व गोविंद लाल की ओर से अधिवक्ता भेरूलाल जाट व विजयपाल हुवोर ने याचिका दायर कर बताया कि इंड्स टावर लिमिटेड द्वारा एयरटेल का टावर पीपलोद में नहरी जमीन पर ग्राम पंचायत की बिना परमिशन के लगाया जा रहा है। यह आबादी भूमि है, टावर से निकलने वाली किरणों से गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों व पशुओं को नुकसान पहुंचने की आशंका है। ग्रामीणों ने सरपंच से सम्पर्क किया तो परमिशन देने से इंकार किया और सरपंच खुद ग्रामीणों के साथ उपखंड अधिकारी के पास पहुंचे और ज्ञापन देकर कहा कि इस टावर के लिए ग्राम पंचायत की कोई भी परमिशन नहीं ली गई है। टावर को आबादी से थोड़ा दूर लगाया जाए। जिसकी जमीन भी ग्राम पंचायत देने को तैयार है। फिर भी उपखंड अधिकारी ने टावर लगाने का काम नहीं रुकवाया। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधिपति नूपुर भाटी ने आदेश दिया कि प्रार्थीगण द्वारा पूर्व मे दिए गए अभ्यावेदन को कलेक्टर बांसवाड़ा व उपखण्ड अधिकारी बागीदौरा सभी तथ्यों को रिकॉर्ड पर लेकर नियमानुसार 30 दिन में अभ्यावेदन का निस्तारण करें। टावर गलत जगह पर लग रहा है तो उसकी स्वीकृति को निरस्त किया जाए। यह जानकारी अधिवक्ता विजयपाल हुवोर ने दी। कंटेंट-धर्मेंद्र उपाध्याय, छींच।


