रीवा जिले के सिरमौर विधानसभा क्षेत्र से एक बार फिर सरकारी सिस्टम को कटघरे में खड़ा करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के आभाव में एक मृत बुजुर्ग का शव बांस के सहारे बनाई गई झोली में कंधों पर लादकर गांव तक ले जाया गया। बताया गया कि गांव में गर्भवती महिलाओं को लेने के लिए भी एम्बुलेंस नहीं पहुंच पाती। बीमारी के बाद हुई थी मौत
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जो जमीनी हकीकत और विकास के दावों के बीच की खाई को साफ दिखा रहा है। मामला सिरमौर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत रौली का बताया जा रहा है। यहां रहने वाले 55 वर्षीय कमलेश दुबे लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनका इलाज भोपाल के चिरायु अस्पताल में चल रहा था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव को एंबुलेंस से गांव के पास तक लेकर पहुंचे, लेकिन आगे रास्ता न होने की वजह से शव वाहन गांव तक नहीं जा सका। गांव में सड़क नहीं होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों के सामने मजबूरी खड़ी हो गई। झोली में डालकर ले गए शव
अंततः कपड़े की झोली बनाई गई, बांस का सहारा लिया गया और शव को कंधों पर रखकर किसी तरह गांव तक पहुंचाया गया। यह दृश्य किसी एक परिवार की पीड़ा भर नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने से उन्हें आए दिन परेशानी झेलनी पड़ती है। बीमार मरीजों को अस्पताल ले जाना हो या किसी की मौत के बाद अंतिम यात्रा, हर बार यही हालात बनते हैं। कई बार जिम्मेदारों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। शिवानंद द्विवेदी ने कहा कि इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। सड़क, स्वास्थ्य और आपात सेवाओं को लेकर किए जा रहे दावों की सच्चाई इस एक तस्वीर ने उजागर कर दी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि कम से कम अब इस शर्मनाक घटना के बाद उनकी सुध ली जाएगी और गांव तक पक्की सड़क पहुंचेगी।


