रांची में रोजाना ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। कभी एटीएम से कार्ड फंसाकर ठगी हो रही है तो कभी जेवर चमकाने के नाम पर ठगी हो रही है। अब बाजार में ठगी का नया तरीका इजाद करके नटवरलाल घूम रहे हैं। बरियातू में हिल व्यू रोड में लगने वाले सब्जी-मांस व मछली बाजार में करीब पांच दुकानदारों से ठगी का मामला सामने आया है। सुबह में एक ई-रिक्शा से पहुंचे ठग ने पहले एक मछली विक्रेता को अपने झांसे में लिया। उसने न्यू ईयर पार्टी मनाने की बात कहते हुए 41 किलो मछली का सौदा किया। दुकानदार को मछली काटने के लिए कह कर पास की सब्जी दुकान में चला गया। कुछ ही देर में वापस आया और मछली विक्रेता को कहा कि 3000 रुपए नगद है तो दो, सब्जी वाले को पैसा देकर आते हैं। फिर तुम्हारा पैसा ऑनलाइन पेमेंट कर देंगे। दुकानदार ने उसे पैसा दे दिया और मछली काटने लगा। इस बीच एक सब्जी विक्रेता को 20 किलो बैंगन, गोभी, मटर सहित अन्य सब्जी तौलने के लिए कहा। सब्जी विक्रेता से कहा कि 2000 रुपए दो, मछली वाले को देकर आते हैं, फिर तुम्हारा पैसा देंगे। ऐसा करके उसने चार सब्जी वालों व मछली वाले से करीब 14 हजार रुपए नगद ले लिया। इसके बाद बाजार से रफूचक्कर हो गया। काफी देर तक उसके नहीं आने पर मछली व सब्जी विक्रेताओं ने ई-रिक्शा चालक को पकड़ा तो उसने कहा कि मुझे भी सामान ले जाने की बात कह कर लाया था। भाड़ा भी नहीं दिया। वह कौन है, मैं जानता भी नहीं। इतना सुनते ही दुकानदारों के होश उड़ गए। सबसे बड़ा नुकसान मछली विक्रेता का हुआ। क्योंकि, उसने करीब 9 हजार रुपए की मछली काट दी थी। हालांकि, किसी भी दुकानदार ने थाना में इसकी शिकायत दर्ज नहीं कराई। क्योंकि, उन्हें डर है कि पुलिस पूछताछ में उनका समय और पैसा बर्बाद होगा। दुबारा पहुंचा ठग, दुकानदारों ने पहचाना तो भाग खड़ा हुआ सब्जी बाजार में दुकानदारों को ठगने के उद्देश्य से वही ठग सोमवार को दुबारा पहुंचा था। कुछ सब्जी विक्रेताओं से सब्जी लेने की बात कह ही रहा था कि एक दुकानदार ने उसे पहचान लिया। जैसे ही उसने कहा कि दो दिन पहले भी आप सब्जी लेने आए थे न, ठग वहां से भागने लगा। दुकानदारों ने उसे दौड़ाया, लेकिन वह दूर निकल गया। इस मामले की पूछताछ करने पर दुकानदार डर गए। उन्होंने कहा कि जो चला गया, अब वह नहीं आ सकता। हमलोगों को थाना- पुलिस के लफड़े में नहीं पड़ना है। पुलिस परेशान नहीं करेगी, इसका भरोसा दिलाने के बाद एक सब्जी विक्रेता ने बताया कि ठगी करने वाले का नाम, पता नहीं मालूम है। यहां कोई सीसीटीवी कैमरा भी नहीं है। ऐसे में पुलिस ठग की जानकारी मांगेगी तो कहां से देंगे। इसलिए केस नहीं किया। गुमला और लोहरदगा में भी हो चुकी है ऐसी घटना बाजार के दुकानदार सुमित ने बताया कि कुछ दिन पहले गुमला और लोहरदगा में भी इसी तरह की ठगी हुई थी। ठग खासकर मांस- मछली दुकानदारों को टार्गेट कर रहे हैं। क्योंकि, उनके पास रोजाना बिक्री का पैसा अधिक रहता है। अधिकतर स्थानों पर मीट- मछली कटवाने के बाद दुकानदार से नगद पैसा मांगा जाता है। वापस आकर देने की बात कहकर ठग मौके से फरार हो जाता है।


