भास्कर न्यूज | सिमडेगा ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की अपील पर शुक्रवार को अलविदा जुमा की नमाज के दौरान इस्लाम धर्मावलंबियों ने काला बिल्ला लगाकर केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे बिल के प्रति विरोध प्रकट किया। इस दौरान जिले भर के मुस्लिम अकीदतमंदों ने बिल में संशोधन के नाम पर मुसलमानों और उनके संपत्तियों को अपने नियंत्रण में करने के प्रयास का कड़ा विरोध जताया। लोगों ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक 2024 एक षड़यंत्र है,जिसका उद्देश्य मुसलमानों को उनकी मस्जिदों, ईदगाहों, मदरसों, दरगाह, खानकाहों और कब्रिस्तानों से वंचित करना है। ये सब हमसे हमारा हक, हमारे धर्म का अधिकार आदि को छीनने का लिए किए जा रहे हैं। जमाअत उलेमा हिंद के जिला सदर मौलाना मिन्हाज रहमानी ने कहा कि केंद्र सरकार को अल्पसंख्यकों के विकास और उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए न कि उन्हें प्रताड़ित करने के लिए जब-तब नया- नया शगूफा छोड़ कर उनमें भय और दहशत फैलाने का प्रयास करना चाहिए। लोगों ने बताया कि वक्फ संपत्तियों को विनियमित करने के लिए बना वक्फ बोर्ड अब तक 1995 के वक्फ अधिनियम के तहत काम करता है। जिस पर सरकार और गलत मानसिकता वाले लोग कुप्रबंधन, भ्रष्टाचार और अतिक्रमण जैसे मुद्दों के आड़ लेकर बदलाव करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही यह सब्जबाग दिखा रहे है कि संशोधन विधेयक से बोर्ड का डिजिटलीकरण, बेहतर ऑडिट, बेहतर पारदर्शिता और अवैध रूप से कब्जे वाली संपत्तियों को फिर से मुक्त कराने आदि की स्थिति बेहतर होगी, जबकि सरकार की मंशा बिल्कुल इसके विपरीत है। इसलिए वे इसमें दूसरे धर्म से जुटे लोगों को सदस्य बनाने का कानून बना रहे हैं। जब हमें किसी दूसरे धर्म के समिति में शामिल नहीं किया जाता है तो फिर हमारे धर्म के मामले में सरकार का यह सही नहीं है। यह बिल हम मुसलमान कभी भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। नरेश शर्मा | सिमडेगा जिला मुख्यालय सहित विभिन्न ग्रामीण इलाकों की मस्जिदों में 28 मार्च को अलविदा जुमे की नमाज अदा की गई। मौके पर विभिन्न मस्जिदों में इस्लाम मतावलंबियो की भीड़ उमड़ी। शहर की जामा मस्जिद में मौलाना ने अपने संबोधन में कहा कि माहे रमजान के आखरी जुमे में अल्लाह की खास रहमत होती है। इसलिए उन्होंने इस माहे मुबारक का एहतराम करने की बात कहते हुए अपने परिवार की ओर से फितरा और जकात की रकम अदा करने की बात कही। वही मुस्लिम धर्मावलंबियों का प्रमुख त्योहार ईद को लेकर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। पवित्र माह रमजान में जहां लोग एक तरफ रोजा रख रहे हैं। वहीं दूसरी और ईद की तैयारी जोर शोर से चल रही है। ईद को लेकर बाजार में रौनक बढ़ गई है दुकानों पर खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ रही है। विशेष रूप से कपड़ा एवं श्रृंगार की दुकानों में अधिक भीड़ देखी जा रही है, मुस्लिम बहुत इलाकों में अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। शाम को बाजार की रौनक और बढ़ जाती है जगह-जगह पर दुकानदारों द्वारा स्टॉल लगाकर आकर्षक ढंग से सजाकर कपड़े एवं जूते चप्पल और अन्य प्रकार के सामान की बिक्री की जा रही है। सेवइयां के भी कई जगहों पर स्टाल लगाकर बिक्री की जा रहे हैं ईद को लेकर सेवइयां की खरीदारी लोग कर रहे हैं। बाजार में ₹100 से लेकर ₹500 प्रति किलो तक सेवइयां उपलब्ध है। खजूर के भी कई किस्म बाजार में उपलब्ध है, इसमें सबसे ज्यादा अरबियन खजूर की मांग है, नमाज अदा करने के लिए टोपी के भी स्टाल लगाए गए हैं बाजार में कई तरह की टोपियां उपलब्ध है। साधारण टोपी के अलावा मुल्तानी ,अफगानी, पाकिस्तानी टोपी की मांग अधिक है बाजार में ₹50 से लेकर ₹400 तक की टोपियां उपलब्ध है। रमजान व ईद के मौके पर लोग इत्र का उपयोग भी करते हैं एवं कई किस्म के इत्र बाजार में उपलब्ध है। खस, मुल्क अंबर, जन्नतुल फिरदौस, मजमुआ, गुलाब, चमेली फूलों के इत्र को लोग पसंद कर रहे हैं। ईद को लेकर बच्चों से बड़ों तक में उत्साह देखा जा रहा है। विशेष रूप से बच्चों में काफी उत्साह देखा जा रहा है बच्चे भी पवित्र माह में रोजा रख रहे हैं। शहर का माहौल पूरा ईद मय हो गया है मुस्लिम समाज के लोगों पर रमजान के साथ-साथ ईद के भरपूर स्वागत की तैयारी चल रही है।


