बाड़मेर पुलिस की फायरिंग रेंज में पुलिस के जवानों ने फायरिंग का अभ्यास किया। प्रैक्टिस में महिला जवानों ने बंदूक को साफ-सफाई और तैयार करने के साथ निशाने भी लगाए। इस दौरान एएसपी नीतेश आर्य, डीएसपी समेत पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। एएसपी का कहना है कि फायरिंग रेंज को मॉडर्न बनाने के लिए यहां पर बिल्डिंग का निर्माण करवाया गया। वहीं वन विभाग इस पर हजारों की संख्या में पौधे लगा रहे है। बाड़मेर पुलिस के जवान और अधिकारी पुलिस फायरिंग रेंज की जमीन पर पहुंचे। वहां पर पुलिस हथियारों से फायरिंग का अभ्यास किया गया। वहीं हथियारों की साफ-सफाई और रख-रखाव किया गया है। पुलिस का कहना है कि समय-समय पर प्रैक्टिस की जाती रही है। एएसपी नितेश आर्य का कहना है कि साल 1962 में बाड़मेर पुलिस को जमीन आवंटन हुई थी। जिसमें 13 बीघा जमीन नेशनल हाईवे पर चली गई थी। हमारे पास 641 बीघा में हमारे पास है। इसके चारों तरफ तारबंदी करवाई हुई है। बरसों से यहां पर चांदमारी पर फायरिंग करते आए है। वन विभाग को 12 हजार पौधे लगाने के लिए 25 हेक्टेयर दी है। हथियारों की सुरक्षा के लिए हमने यहां पर एक बिल्डिंग बनाई है। एसपी नरेंद्र सिंह मीना के नेतृत्व में डवलपमेंट किया जा रहा है। यह जमीन शहर के नजदीक है और भूमाफिया की इस पर नजर है। यहां पर कब्जे करने की कोशिश की गई थी, पुलिस की ओर से उनको हटाया गया है। पहले फर्जी पटटे भी बनाए गए थे। उनको नगर परिषद से निरस्त करवाए है। नामांतरण भी खारिज करवाया है।


