भास्कर संवाददाता | बाड़मेर अजीम प्रेमजी स्कूल के परिसर में आयोजित बाड़मेर साहित्य उत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को 500 से अधिक लोगों की भागीदारी के साथ सम्पन्न हुआ। साहित्य उत्सव के दूसरे दिन पुस्तक मेले में शामिल होने वाले साहित्य प्रेमियों में बच्चे व महिलाएं भी शामिल रहे। मेले में एकलव्य प्रकाशन की ओर से बच्चों की 3 हजार से अधिक किताबों का संकलन बच्चों व अभिभावकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। बाल साहित्य के साथ पुस्तक मेले में वयस्कों के लिए भी हिन्दी व अंग्रेजी भाषा में साहित्य, दर्शन व शिक्षा से जुड़ी 10 हजार से अधिक पुस्तकें देखने व खरीदने के लिए उपलब्ध रही। पुस्तक मेले के साथ ही साहित्य उत्सव में शाम के समय थार चौपाल के बैनर तले शिक्षा के मायने विषय पर चर्चा चर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एमबीसी गर्ल्स पीजी कॉलेज बाड़मेर के प्राचार्य डॉ. मुकेश पचौरी व अजीम प्रेमजी स्कूल के प्रधानाध्यापक अजहरुद्दीन मुख्य वक्ताओं की भूमिका में रहे। चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि हम अपने बच्चों की शिक्षा को नौकरी पाने तक सीमित करके ही न देखें, बल्कि शिक्षा के संवैधानिक मूल्यों व इंसानियत से जुड़े व्यापक अर्थों को भी सुनिश्चित करें। चर्चा सत्र के साथ ही थार चौपाल में लोक कलाओं से जुड़ी नृत्य व संगीत की प्रस्तुतियां भी शामिल रही। थार चौपाल में आयोजित होने वाली सामाजिक साहित्यिक चर्चाओं की कड़ी में शु़क्रवार को शाम 4 बजे से लेखक डॉ. फतेह सिंह भाटी के साथ बच्चों की दुनिया विषय पर संवाद किया जाएगा। साहित्य उत्सव को आयोजित करने वाले अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, शिक्षा विभाग तथा डाइट साथ मिलकर शिक्षक सेमिनार का भी आयोजन कर रहे हैं। सेमिनार के दूसरे दिन बाड़मेर ग्रामीण ब्लॉक के 150 से अधिक शिक्षकों ने भाग लिया। इन शिक्षकों के साथ ब्लॉक के 21 चयनित शिक्षकों ने अपने-अपने विद्यालय से विभिन्न विषयों की बेहतर शिक्षण प्रक्रियाओं व बच्चों के साथ अपने काम के नमूनों को साझा किया। शिक्षकों के साथ ही सेमिनार में डाइट बाड़मेर के बीएड के छात्र छात्राओं ने भी भाग लिया। उत्साहवर्धन व मार्गदर्शन के लिए सेमिनार में डाइट व्याख्याता सरोज व मीना शामिल रही। गौरतलब है कि शिवकर रोड स्थित अजीम प्रेमजी स्कूल के परिसर में गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी साहित्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। साहित्य उत्सव के तहत आयोजित पुस्तक मेले में शहर के सभी लोग 14 जनवरी तक सुबह 10 बजे से शाम 8 बजे तक किताबें देखने व खरीदने के लिए शामिल हो सकते हैं। पुस्तक मेले के साथ ही सभी लोग 8 से 11 जनवरी तक आयोजित थार चौपाल की चर्चाओं व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भी शाम 4 बजे से 6 बजे तक निशुल्क भाग ले सकते हैं।


