पंजाब में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों को बीते दिनों राज्यसभा सांसद व लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के चांसलर डॉ. अशोक कुमार मित्तल द्वारा नौकरी देने का ऐलान किया गया था। आज उन्होंने ये वायदा पूरा करते हुए बाढ़ पीड़ित परिवारों के सदस्यों को LPU में स्थायी रोजगार देने को लेकर पत्र बांटे। मित्तल बोले- जिंदगियां वापस नहीं ला सकते, मगर मदद तो कर सकते हैं डॉ. मित्तल ने 5 सितंबर को घोषणा की थी कि वे बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिजनों को नौकरी देंगे, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। अब इस वादे को पूरा करते हुए, उन्होंने प्रभावित परिवारों को उनकी योग्यता के अनुसार LPU में स्थायी नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर डॉ. मित्तल ने कहा- हम जिन जिंदगियों को खो चुके हैं, उन्हें कोई वापस नहीं ला सकता। लेकिन हमारा प्रयास है कि पीड़ित परिवारों को अकेला न छोड़ा जाए। यह सिर्फ नौकरी देने की बात नहीं है, यह सम्मान, सुरक्षा और जीवन को फिर से संवारने का अवसर है। मुकेरिया की पुराना भंगाल की रहने वाले दीपिका, जिनकी मां बाढ़ में चल बसीं। उन्होंने कहा- मैं अपने छोटे भाई-बहनों की जिम्मेदारी के साथ बिल्कुल अकेली रह गई थी। इस नौकरी ने मुझे आगे बढ़ने का हौसला दिया है। पठानकोट के जुगियाल निवासी गगन की पत्नी बच्चों को बचाते हुए बाढ़ में शहीद हो गईं थे। उन्होंने कहा- यह नौकरी मेरे लिए जीवन की एक नई शुरुआत है। मुख्यमंत्री राहत कोष में 20 लाख सहायता दी गौरतलब है कि इससे पहले डॉ. मित्तल ने पंजाब मुख्यमंत्री राहत कोष में 20 लाख रुपये की सहायता भी दी थी। उन्होंने सभी समाजसेवियों और कॉर्पोरेट जगत से इस पुनर्वास कार्य में आगे आने की अपील की है।


