देवघर के विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यह सावन से पहले की आखिरी स्पर्श पूजा का दिन था। श्रद्धालुओं ने सुबह 4 बजे से ही मंदिर में कतार लगानी शुरू कर दी। मंदिर के पुरोहित लंबोदर महाराज ने बताया कि देवघर में स्पर्श पूजा का विशेष महत्व है। श्रावण माह में श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ के कारण केवल अरघा के माध्यम से भगवान भोलेनाथ को जलार्पण कराया जाता है। श्रावण माह के बाद ही स्पर्श पूजा की अनुमति होगी। बाबा बैद्यनाथ को मनोकामना लिंग के रूप में जाना जाता है। मान्यता है कि यहां जलार्पण और बेलपत्र चढ़ाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। श्रावणी मेले के दौरान देवघर में विशेष व्यवस्था की जाती है। इस वर्ष श्रावणी मेले में कुछ ही दिन शेष हैं।


