जयपुर में बाबा रामदेव ने कहा कि 33 साल पहले हिण्डौन सिटी आया था, किरोड़ीलाल के साथ तब से संबंध है। ये महाराणा सांगा की तरह अपराजित योद्धा है। लड़ता ही रहता है। ठीक तो है। कभी कभी मेरी तरह अनाड़ीपन से लड़ लेते हैं। आज कल मैं भी थोड़ा अनाड़ीपन से कम लड़ता हूं। लड़ाई सब जगह मोर्चा पर मत खोलो। उन्होंने कहा- अभी ये टैरिफ वाला मामला सब उल्टा पुल्टा ही चल रहा है। एक आदमी ने पूरी दुनिया हिला रखी है। इसको कहते हैं व्यक्ति की क्या शिक्षा, संस्कार और दृष्टि है। वो कहता है कुछ लोगों के पास में ताकत ज्यादा आ गई है। मैं सबकी ताकत को बराबर डिस्ट्रीब्यूट करूंगा। दरअसल, बाबा रामदेव जयपुर में भारतीय शिक्षा बोर्ड के एक स्कूल के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। इस दौरान किरोड़ी लाल मीणा भी मंच पर थे। कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और स्कूल शिक्षा परिवार के प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा भी मौजूद रहे। मन पर पूरी तरह से नियंत्रण रखना चाहिए बाबा रामदेव ने योग का महत्व बताते हुए कहा- इंसान को अपनी इंद्रियों और मन पर पूरी तरह से नियंत्रण रखना चाहिए। जो बह गया, वह भोगी और जो ठहर गया वह योगी। आज की शिक्षा आदमी को योगी नहीं, भोगी बना रही है। आज का युवा और बच्चे स्मार्टफोन के एडिक्टेड हो गए हैं। 90 फीसदी लोग डिप्रेशन से जूझ रहे हैं। पहले चरण में 500 स्कूल भारतीय शिक्षा बोर्ड से जुड़ेंगे बाबा रामदेव ने बताया- पहले चरण में 500 स्कूल भारतीय शिक्षा बोर्ड से जुड़ेंगे। दूसरे चरण में 1000 स्कूल जुड़ने की उम्मीद है। भारतीय शिक्षा बोर्ड चाहता है कि यहां के लोग केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता (क्रिएटर) बनें। इस बोर्ड में 80 फीसदी जगह देश के वीरों के योगदान को दी जाएगी। 20 फीसदी में मुगलों और उनके बुरे कर्मों के बारे में बताया गया है। कोई किरोड़ी लाल की मानसिकता को चेंज करके दिखाए रामदेव ने कहा- हम संस्कृत, हिंदी, हिस्ट्री में बच्चे का मानस ऐसा गढ़ रहे हैं। उसके दिमाग का प्रोग्रामिंग ऐसी कर रहे हैं। कोई मोदी साहब के ब्रेन की प्रोग्रामिंग चेंज करके दिखाए। कोई स्वामी रामदेव की, मोहन भागवत के दिमाग की प्रोग्रामिंग चेंज करके दिखाए। अरे वो तो दूर की बात है, हमारे किरोड़ी लाल की मानसिकता को चेंज करके दिखाए। ये ऐसा व्यक्ति है कि जहां खूंटा ठोकना है वहां ठोकना ही है। ये दिमाग ऐसा हो रखा है कि जो अपने को करना है, वो करना है। इसको कहते हैं मानस का निर्माण। हमारे मदन दिलावर साहब बहुत प्यारे आदमी है। खिलजी ने नालंदा को जलाया, अंग्रेजों ने शिक्षा नीति बदली राज्यपाल हरिभाऊ किशन राव बागडे ने कहा- शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। स्वामी रामदेव ने भारतीय संस्कृति, योग और आयुर्वेद को शिक्षा के अभिन्न अंग के रूप में अपनाने पर बल दिया। अंग्रेजों ने सबसे पहले हमारी शिक्षा नीति बदली। क्योंकि उनको लगता था कि अगर इनको गुलाम बनाना है तो सबसे पहले इनकी शिक्षा नीति बदलो। खिलजी ने नालंदा विश्वविद्यालय को जलाया।


