बायोमेट्रिक जरूरी:उदयपुर में जल्द शुरू होगी ई-पासपोर्ट सुविधा, नई तकनीक से तेज होगी प्रक्रिया, चिप में सेव रहेगा डेटा, सुरक्षा भी बढ़ेगी

उदयपुर का पासपोर्ट सेवा केंद्र जल्द ही पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (पीएसपी-वी 2.0) पर अपग्रेड होगा। इसके शुरू होते ही यहां से ई-पासपोर्ट यानी इलेक्ट्रॉनिक पासपोर्ट जारी होना शुरू हो जाएगा। विदेश मंत्रालय देशभर के कई शहरों में चरणबद्ध तरीके से ई-पासपोर्ट सुविधा शुरू कर चुका है। ई-पासपोर्ट एक आधुनिक संयुक्त कागजी और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज है। इसके भीतर रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान (आरएफआईडी) चिप और एक एंटीना लगा होता है, जिसमें पासपोर्ट धारक का पूरा व्यक्तिगत विवरण, फिंगरप्रिंट और अन्य बायोमेट्रिक जानकारी सुरक्षित रूप से संग्रहित रहता है। एयरपोट्र पर त्वरित जांच और स्मार्ट सत्यापन ई-पासपोर्ट में पब्लिक की अवसंरचना (पीकेआई) प्रणाली संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करती है और चिप पर दर्ज व्यक्तिगत व बायोमेट्रिक डेटा की प्रामाणिकता और अखंडता बनाए रखती है। इससे नई तकनीक से नकली पासपोर्ट तैयार करना लगभग असंभव हो जाएगा और यात्री की पहचान पहले से कहीं अधिक तेज और सटीक रूप से सत्यापित हो सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि ई-पासपोर्ट सुविधा शुरू होने से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को त्वरित जांच, स्मार्ट सत्यापन और सुरक्षित दस्तावेज का बड़ा लाभ मिलेगा। उदयपुर से 9 साल में 1,62,580 आवेदन, 1,57,162 पासपोर्ट जारी
सांसद डॉ. मन्नालाल रावत की ओर से संसद में पूछे गए सवाल पर विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने बताया कि 2017 से अब तक उदयपुर से 1,62,580 लोगों ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया। इनमें से 1,57,162 लोगों को पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं। विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि राजस्थान के प्रत्येक जिले से पासपोर्ट को लेकर बडी संख्या में आवेदन हुए हैं। कई आवेदन पेंडिंग भी हैं। पासपोर्ट जारी करने में पेंडिंग मामलों की जानकारी का रखरखाव क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय द्वारा किया जाता है। अब उदयपुर पीएसको को पीएसपी-वी 2.0 तकनीक से लैस मॉडर्न सुविधा में बदला जाएगा।

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