बारां गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज को शनिवार को पहला देहदान प्राप्त हुआ। बूंदी जिले के अडीला गांव निवासी स्वर्गीय समाजसेवी छोटूलाल बाथरा के परिजनों ने शाइन इंडिया फाउंडेशन और भारत विकास परिषद के सहयोग से उनकी पार्थिव देह कॉलेज को सौंपी। मेडिकल कॉलेज परिसर में देहदान की प्रक्रिया गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस अवसर पर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सीपी मीणा, फैकल्टी सदस्य, स्टाफ और बड़ी संख्या में मेडिकल छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर स्व. छोटूलाल बाथरा को श्रद्धांजलि दी। शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ. कुलवंत गौड़ ने बताया कि स्वर्गीय छोटूलाल बाथरा ने लगभग तीन वर्ष पहले देहदान का संकल्प लिया था। वे आजीवन समाजसेवा से जुड़े रहे और मृत्यु के उपरांत भी चिकित्सा शिक्षा में योगदान देना चाहते थे। उनके इस देहदान से मेडिकल छात्रों को मानव शरीर रचना के अध्ययन में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी, जिससे चिकित्सा शिक्षा सुदृढ़ होगी। प्रिंसिपल डॉ. सीपी मीणा ने इस देहदान को मेडिकल कॉलेज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में चिकित्सा छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण मिल सकेगा। डॉ. मीणा ने परिजनों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्व. छोटूलाल बाथरा का यह कदम समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। कार्यक्रम में देहदान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया और आमजन से इस नेक कार्य में आगे आने का आह्वान किया गया।


