बोकारो में मंगलवार रात ट्रैफिक चेकिंग के दौरान एक युवक को फर्जी पहचान पत्रों के साथ गिरफ्तार किया गया। युवक ने खुद को सीआरपीएफ का असिस्टेंट कमांडेंट बताकर ट्रैफिक एएसआई ओशो प्रदीप को धमकाया था। खुद को सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट बताया एएसआई ओशो प्रदीप नया मोड़ स्थित ट्रैफिक थाना में शाम को चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने बिना हेलमेट बाइक चला रहे एक व्यक्ति को रोका और लाइसेंस मांगा। युवक ने अपना प्रभाव दिखाने की कोशिश की और एएसआई को धमकाते हुए खुद को सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट बताया, साथ ही सुकमा में पदस्थापित होने का दावा किया। पहचान पत्र में युवक का चेहरा और नाम मेल नहीं खा रहा था एएसआई प्रदीप को युवक के व्यवहार पर संदेह हुआ। उन्होंने युवक से पहचान पत्र दिखाने को कहा। पहचान पत्र में युवक का चेहरा और नाम मेल नहीं खा रहा था। गहन जांच करने पर उसके पास से दो अन्य फर्जी पहचान पत्र भी मिले, जिनमें से एक एनएसजी का था। चेकिंग के दौरान पकड़े गए युवक का नाम अश्वनी था, जबकि एक पहचान पत्र पर ‘असीन’ और सीआरपीएफ के पहचान पत्र पर ‘संदीप कुमार’ लिखा था। पुलिस के अनुसार, युवक का असली नाम अश्वनी कुमार ठाकुर है, जो जोशी कॉलोनी का निवासी है और उसकी उम्र लगभग 35 वर्ष है। पुलिस ने युवक के पास से बरामद सभी फर्जी पहचान पत्रों को जब्त कर लिया है। बोकारो सिटी थाना में उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बोकारो सिटी डीएसपी आलोक रंजन ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की।


