सरगुजा संभाग के ऐतिहासिक रामगढ़ के जंगल सहित सूरजपुर, बलरामपुर और एमसीबी के जंगलों में लगी आग बारिश के बाद बुझ गई है। जिस आग को बुझाने के लिए वनविभाग कई दिनों से मशक्कत कर रहा था, उसे शुक्रवार को हुई बारिश ने कुछ ही समय में बुझा दिया है। संभाग में अधिकांश स्थानों पर महुआ बिनने के लिए आग लगाई गई थी जो फैलकर भयावह हो गई थी। सरगुजा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रामगढ़ के जंगल पिछले 10 दिनों से धधक रहे थे।रामगढ़ इलाके में इतनी बारिश हुई है कि रेण में बाढ़ की स्थिति बन गई है। आग रामगढ़ पहाड़ी के तीन ओर के जंगल में फैल गई थी। आग से रामगढ़ पर्वत में छोटे-बड़े हरे पेड़-पौधे भी आ रहे थे। इस आग को बुझा पाने में वन विभाग लगभग नाकाम हो गया था। आग राम वन गमन पथ के आसपास भी फैल गई थी। पहाड़ों के बीच मशक्कत कर रहा वन विभाग रामगढ़ पर्वत में ग्राम पंचायत उदयपुर, रामनगर, पुटा, डांडगांव, दावा, सोनतराई, पंडरीपानी सहित अन्य गांव से घिरा हुआ है। इसमें रामगढ़ पर्वत के पूर्वी क्षेत्र, दक्षिणी क्षेत्र, और पश्चिमी क्षेत्र में आग भयावह हो गई थी। पहाड़ी क्षेत्र में आग को बुझाने के लिए लोगों को पहाड़ों के बीच मशक्कत कर चढ़ना पड़ रहा था। इस कारण आग बुझाने में तेजी नहीं आ पा रही थी। आग के कारण रामगढ़ के जंगल से हिरण, नीलगाय, भालू, सियार, लोमड़ी, खरगोश भागकर गांव की ओर पहुंच रहे थे। शुक्रवार को बुझी जंगल की आग सरगुजा के उदयपुर क्षेत्र में शुक्रवार को जमकर बारिश हुई और ओले भी गिरे। रामगढ़ इलाके में इतनी बारिश हुई कि रेण में बाढ़ की स्थिति बन गई। बारिश के कारण रामगढ़ की पहाड़ी में लगी भीषण आग बुझ गई है। रामगढ़ की पहाड़ी के अलग-अलग हिस्सों में लगी आग के बुझने के साथ ही बारिश के कारण सूखे पत्ते गीले हो गए हैं, जिन पर दुबारा आग लगने की संभावना फिलहाल नहीं है। मनेंद्रगढ़ और सूरजपुर में भी बुझी आग सरगुजा संभाग में शुक्रवार को अधिकांश इलाकों में अच्छी बारिश हुई है। बारिश के कारण एमसीबी औऱ बलरामपुर, सूरजपुर जिलों के जंगलों में लगी आग भी बुझ गई है। एमसीबी में आगजनी पर काबू न पाने के कारण पांच रेंज के रेंजरों को सरगुजा पीसीसीएफ ने नोटिस भी जारी किया था। अधिकांश स्थानों पर आग लगने का कारण ग्रामीणों द्वारा महुआ बिनने के लिए लगाई गई आग का फैलना ही बताया गया है। बारिश एवं ओले के कारण महुआ की फसल भी प्रभावित हुई है।


