ये तस्वीरें रमणीक रांची के स्लोगन पर बदनुमा दाग है। रांची जो खनिज-संपदा से परिपूर्ण झारखंड की राजधानी है। रांची की सूरत में ही पूरे झारखंड की झलक दिखती है। लेकिन अभी रांची की स्थिति ऐसी है कि कोई बोल दे कि घर से पैदल निकल कर बाजार तक चलना है तो मन में सवाल उठने लग रहा है कि जाएं या नहीं। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह शहर की बदहाली है। मानसून में रोजाना रुक-रुक कर हो रही बारिश से प्रमुख सड़कों के साथ एप्रोच रोड की स्थिति भयावह हो गई है। कहीं सड़क गायब होकर सिर्फ गड्ढ़े ही गड्ढ़े दिखाई दे रहे हैं तो कहीं कीचड़ ही कीचड़। सड़क पर वाहन से चले तो कब गिरेंगे कोई नहीं बता सकता, अगर हाट-बाजार चले गए तो जूता-चप्पल व कपड़े गंदा करके ही घर लौटना होगा। शहर की पहचान ही सड़कों पर गड्ढ़े आैर बाजार-स्टैंड में कीचड़ की बन गई है। इस वजह से सड़क,हाट-बाजार में बच्चों व ग्राहकों का चलना मुश्किल हो गया है। सबसे बड़ी बात है कि गंदगी, अतिक्रमण आैर सड़क पर गड्ढ़ों को भरने के आदेश का भी कोई असर अफसरों पर नहीं दिखता। गाड़ीखाना चौक से मधुकम : बारिश से बह गई सड़क शहर की घनी आबादी वाले क्षेत्र गाड़ीखाना चौक से मधुकम तालाब तक की सड़क का हाल सबसे अधिक खराब हो गया है। पहले से पीसीसी सड़क पर नगर निगम ने बिटुमिन की परत चढ़ाई। इसके बाद सड़क काटकर जलापूर्ति पाइपलाइन बिछाई गई। इसका नतीजा है कि अब यहां सड़क नहीं गड्ढे भर रह गए। बारिश में दो वर्ष पहले ही बिटुमिन की परत बह गई। अभी बारिश के बाद सभी गड्ढों में पानी जमा है। गड्ढे आैर पत्थर पर दो पहिया वाहनों के चक्के पड़ते ही दुर्घटना हो रही है। सड़क की स्थिति ऐसी हो गई है कि इस रूट में पैदल भी चलना मुश्किल है। चूना भट्ठा चौक से खादगढ़ा बाजार : जमा रहता है पानी चुन्ना भट्ठा चौक से खादगढ़ा सब्जी बाजार होते हुए रातू रोड कब्रिस्तान तक की सड़क की स्थिति भी काफी खराब है। इस रोड में भी गड्ढे भरे पड़े हैं। हनुमान मंदिर के पास हालात ऐसे हैं कि यहां सालों भर गंदा पानी जमा रहता है। मंदिर जाने वाले भक्तों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चेशायर होम रोड : नाली नहीं, सड़क पर बहता है गंदा पानी शहर के कई क्षेत्रों में 50 लाख से एक करोड़ रुपए लगाकर फ्लैट लेने वालों की स्थिति सबसे अधिक खराब है। क्योंकि, बिल्डर फ्लैट बनाकर बेच तो रहे हैं, लेकिन गंदे पानी की निकासी का समाधान नहीं किया जाता है। बरियातू रोड स्थित चेशायर होम रोड की स्थिति ऐसी ही है। इस रोड में दर्जनों बहुमंजिली भवन बने हैं। एक करोड़ से अधिक कीमत के फ्लैट में लोग रह रहे हैं, लेकिन अपार्टमेंट के गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। सड़क पर ही अपार्टमेंट का पानी जमा होता है। चेशायर होम रोड में प्रवेश करते ही जितने भी अपार्टमेंट हैं, वहां से निकलने वाला गंदा पानी सीधे सड़क पर आता है। क्योंकि, इस रोड में नाली बनी ही नहीं है। बरियातू रोड में भी नालियां एकदूसरे से जुड़ी हुई नहीं हैं। स्थानीय राजेश प्रसाद ने बताया कि रात में दो पहिया वाहन सवार गड्ढ़े में गिरकर घायल तक हो गए। डेली मार्केट और इस बाजार तक जाने वाली लेक रोड, सेवा सदन पथ की स्थिति भी काफी खराब है। इस सड़क पर भी गड्ढों की गिनती करना मुश्किल है। डेली मार्केट में फल व सब्जी मंडी है। यहां रोजाना हजारों ग्राहक खरीदारी करने पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। पिछले दो दिनों में बाजार इतना अधिक कीचड़ फैल गया है कि ग्राहक आना ही नहीं चाहते। इससे दुकानदार भी परेशान हैं। इसे साफ करने के लिए निगम ने कोई ठोस पहल नहीं की। डेली मार्केट सब्जी बाजार और लेक रोड : यहां गड्ढों की गिनती मुश्किल


