गौरेला-पेंड्रा मरवाही जिले में भारी बारिश के कारण नेशनल हाईवे 45 पर आवागमन बंद हो गया है। 23 जुलाई की रात भारी बारिश के बाद यहां केवची और पीपरखुटी के बीच कौहा नाला में बने दोनों डायवर्शन पुल बह गए हैं। इस कारण पेंड्रा-केवची-अमरकंटक और अमरकंटक-केवची-बिलासपुर मुख्य मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। केवंची, आमाडोब, जोगीसार, बेलपत, गौर खेड़ा, डूगरा इससे 6 गांव से संपर्क कट गया है। अमरकंटक से दर्शन करके लौट रहे श्रद्धालु केवची में फंस गए हैं। प्रशासन और संबंधित अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और मार्ग को जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास कर रहे हैं। राहगीरों को लंबा सफर तय करना पड़ेगा वर्तमान में, श्रद्धालुओं और यात्रियों के पास अचानकमार टाइगर रिजर्व वाला रास्ता बचता है, लेकिन इस मार्ग पर आवागमन प्रतिबंधित है। वही बिलासपुर से अमरकंटक जाने के लिए अब लोगों को काफी लंबा सफर तय करना पड़ेगा। वैकल्पिक मार्ग का निर्माण नहीं वहीं इसके पहले भी इस जगह पर बारिश की शुरुआती दौर में ही डायवर्सन पुल बह गया था और आवागमन भी बंद हो गया था। इसमें नेशनल हाईवे के ठेकेदार और नेशनल हाईवे अधिकारियों इंजीनियर और एसडीओ की लापरवाही की बात भी सामने आ रही है। जिन्होंने बारिश के मद्देनजर भी सड़क बनाने के पहले कोई वैकल्पिक मार्ग का निर्माण नहीं किया और अब बार-बार इसी इलाके में आवागमन बंद हो रहा है।


