रांची में सोमवार को दोपहर दो से शाम 5 बजे तक जोरदार बारिश हुई। इस दौरान दीवार गिरने और वज्रपात से तीन लोगों की मौत हो गई। पहली घटना बहुबाजार में हुई। मोरहाबादी के रहने वाले बबलू उरांव स्कूटी से अपने दो बच्चों को लेकर जा रहे थे। तेज बारिश के दौरान बहु बाजार में अचानक एक ऊंची दीवार उनके ऊपर आ गिरी। बबलू उरांव की दबकर मौत हो गई। सोनाहातू में भैंसा चरा रही दो महिलाएं रमनी देवी (60) और द्रौपदी देवी (40) वज्रपात की चपेट में आ गईं। दोनों की मौत हो गई। वहीं, गढ़वा के मेराल में अशर्फी प्रजापति (50) व जमशेदपुर में नीतीश कुमार सिंह (18) की वज्रपात से मौत हो गई। इधर, भारी बारिश से रांची के गली-मुहल्लों व सड़कों पर जलजमाव से यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। खेतों में लगी सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने 24 से 26 जून तक भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। गुस्सा… नगर निगम व विधायक के विरुद्ध नारेबाजी सवाल… सड़क से घर तक पानी… जिम्मेवार कौन बेबसी… अस्पताल भी जलमग्न, हलकान रहे मरीज निगम! यह कैसी व्यवस्था… सड़कों पर पानी का सैलाब, जनता विवश और जिम्मेदार खामोश तालाब और सड़क सब बराबर घरों-दुकानों और मुहल्लों में पानी जमा होने से परेशान लोगों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। उन्होंने पोस्टर बैनर के साथ अलबर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन किया। कोई कार्रवाई नहीं करने पर नगर निगम और स्थानीय विधायक के खिलाफ नारेबाजी की। झारखंड बने 24 साल से ज्यादा हो गए। लेकिन जलजमाव की समस्या का हल न तो नगर निगम और न ही नगर विकास विभाग निकाल सका। हर साल मानसून सीजन में जलजमाव से निजात के लिए सरकार दावे तो करती है, लेकिन नतीजा शून्य ही रहा है। रांची में सोमवार को फिर जोरदार बारिश हुई। सड़क-नाले का गंदा पानी सेवा सदन अस्पताल में भी भर गया। अस्पताल में काफी संख्या में मरीज व परिजन मौजूद थे। बेबसी में लोग कुर्सी पर पैर चढ़ाकर बैठकर पानी निकलने का इंतजार करते रहे।


