बालकृष्ण ने अपनी लीलाओं से किया सभी को मोहित

भास्कर न्यूज | लुधियाना डाबा रोड कबीर नगर स्थित निर्मल पैलेस के पास संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन गुरुवार को तुषार जोगी महाराज ने श्रद्धालुओं को माता-पिता के सम्मान और सेवा का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि भगवान ने हमें मां-बाप के रूप में सबसे अनमोल उपहार दिया है, जिनका आदर करना हमारा परम कर्तव्य है। माता-पिता जन्म से लेकर युवावस्था तक संतान की परवरिश करते हैं, इसलिए हर संतान को भी उनका आदर और सेवा करनी चाहिए। महाराज ने कहा कि जब जीवन समाप्त होगा, तब परमात्मा हमसे पूछेंगे कि हमने अपने रिश्तों को कितनी सच्चाई और निष्ठा से निभाया। उन्होंने कहा कि विवाह के बाद जो संतान माता-पिता को अनदेखा करती है, वह परमात्मा के न्याय से बच नहीं सकती। जीवन में सच्ची भक्ति वही है, जो अपने माता-पिता की सेवा और सम्मान करे। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और माता-पिता की सेवा का संकल्प लिया। इसके अलावा जोगी महाराज ने श्री कृष्ण की कथा को सुनाया। इसमें उन्होंने बताया कि पूतना, शकटासुर और तृणावर्त जैसे असुरों के वध के बाद गोकुल में यशोदा और नंद बाबा को यह समझ नहीं आ रहा था कि उनके नन्हे कृष्ण ने इनका अंत कैसे कर दिया। गोकुलवासियों ने कृष्ण को दिव्य शक्ति का रूप मानते हुए उनकी रक्षा के लिए और भी अधिक सतर्कता बरतनी शुरू कर दी। बालकृष्ण खेल-खेल में अपनी लीलाओं से सभी को मोहित कर रहे थे। वे अपनी तोतली वाणी से सबका मन हर लेते और अपनी अद्भुत बाललीलाओं से गोकुलवासियों को आनंदित करते। पूतना वध के बाद गोकुल में कृष्ण के प्रति श्रद्धा और प्रेम और भी गहरा हो गया। इस अवसर पर गुग्गा माड़ी मंदिर के मुख्य सेवादार कमलेश शर्मा, हरिकांत, शोभा रानी, प्रल्हाद, अंजू, सतपाल, मंजू रानी, शहर सिंह राणा, बहन सिम्मी, श्री शीतला माता मंदिर के प्रधान बूटा राम, मोहन लाल कलसी, प्रवेश शारदा, शिव मंदिर न्यू शिमलापुरी से क्रांति डोगरा सहित अन्य भक्तजन उपस्थित रहे।

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