बालाघाट के दो गांवों में महिलाओं का शराबबंदी का फैसला:शराब लाने, बनाने और पीने पर भारी जुर्माना, सूचना देने पर इनाम का ऐलान

बालाघाट के परसवाड़ा क्षेत्र के लिंगा और भोरवाही गांवों में महिलाओं ने शराबबंदी का फैसला लिया है। घरों में शराब के कारण बढ़ रहे तनाव और हिंसा को देखते हुए, दोनों गांवों को नशामुक्त बनाने के लिए यह पहल की गई है। गांव शराब, लाने और पीने वालों पर लगेगा जुर्माना इस निर्णय के तहत, गांव में शराब लाने, बनाने और पीने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही, शराब से संबंधित जानकारी देने वालों को इनाम भी दिया जाएगा। लिंगा और भोरवाही की महिलाओं ने बुधवार को नशामुक्ति अभियान की शुरुआत की। इससे पहले, दोनों गांवों में संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें ग्राम पंचायत, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों को शामिल कर आंदोलन को मजबूत किया गया। महिलाएं बोलीं-नशे से हमें सबसे ज्यादा होती है परेशानी लिंगा के बस स्टैंड पर आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने नशे के खिलाफ खुलकर अपनी बात रखी। लिंगा निवासी संगीता देशराज ने बताया कि नशे के कारण महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान होती हैं, उन्हें शराबी परिवार के सदस्यों से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है।
शराब लाने वाले व्यक्ति पर लगेगा 21 हजार रुपए उन्होंने बताया कि गांव में बाहर से शराब लाने वाले व्यक्ति पर 21 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा और उसका वाहन भी जब्त किया जाएगा। कच्ची शराब बनाने वाले पर 11 हजार रुपये और शराब पीते हुए पकड़े जाने पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा। संगीता देशराज ने यह भी बताया कि शराब लाने या बनाने की सूचना देने वाले को एक हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा।
युवाओं और ग्रामीणों से नशे से दूर रहने की अपील सरपंच कपूर वरकड़े ने महिलाओं की इस पहल को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यदि महिला शक्ति ठान ले तो गांव को नशामुक्त बनाना संभव है। थाना प्रभारी मदन इवने ने बताया कि क्षेत्र में होने वाली अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं शराब के नशे के कारण होती हैं। उन्होंने युवाओं और ग्रामीणों से नशे से दूर रहने की अपील की।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *