राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के सख्त आदेशों के बाद मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बालाघाट नगरपालिका को 17 करोड़ 67 लाख रुपए का वसूली नोटिस भेजा है। यह नोटिस तालाबों और कचरा प्रबंधन केंद्र में हो रहे प्रदूषण के कारण पर्यावरण क्षतिपूर्ति के तौर पर जारी किया गया है। नगरपालिका ने इस आदेश को एनजीटी में चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है। यह वसूली नोटिस कलेक्टर बालाघाट को भेजा गया था, जिन्होंने इसे नियमानुसार कार्रवाई के लिए तहसीलदार बालाघाट को अग्रेषित किया है। नगरपालिका के सीएमओ बीडी कतरोलिया ने बताया कि भू-राजस्व के रूप में वसूली के आदेश का अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नगरपालिका इस आदेश को एनजीटी में चुनौती देगी और यदि वहां सुनवाई नहीं हुई तो हाईकोर्ट का रुख करेगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, नगरपालिका बालाघाट 2016 में जारी कचरा और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट संबंधी आदेशों का पालन करने में विफल रही है। इसी के चलते तालाबों में जल प्रदूषण और कचरे का उचित प्रबंधन न होने को आधार मानते हुए नगरपालिका पर इतनी बड़ी राशि का आर्थिक दंड लगाया गया है। नोटिस जारी होने के दौरान नहीं थी राशि नपा सीएमओ बीडी कतरोलिया ने बताया कि जब ये आदेश जारी हुए थे, तब नगरपालिका के पास कचरा प्रबंधन और सीवरेज ट्रीटमेंट के लिए शासन स्तर पर कोई राशि उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने जानकारी दी कि अब इन दोनों कार्यों के लिए सरकार ने राशि स्वीकृत की है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्वीकृति का प्रस्ताव राज्य स्तरीय समिति के पास भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 26 दिसंबर को इसके टेंडर खोले जाएंगे। नगरपालिका बालाघाट इस मामले में एनजीटी के आदेश के खिलाफ याचिका दायर करेगी। यह पर्यावरण क्षतिपूर्ति राष्ट्रीय हरित अधिकरण, सेंट्रल जोनल बेंच भोपाल में प्रचलित प्रकरण क्रमांक 138/2024 के तहत अधिरोपित की गई है।


