बालाघाट में सार्वजनिक फुले-अंबेडकर जयंती समारोह समिति और सामाजिक बंधुओं ने 1 जनवरी को अंबेडकर चौक पर भीमा कोरेगांव शौर्य दिवस मनाया। इस अवसर पर बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भीमा कोरेगांव युद्ध में महार सैनिकों की जीत को याद किया। दरअसल, 1 जनवरी 1818 को पुणे के निकट भीमा कोरेगांव नामक स्थान पर 500 महार सैनिकों ने पेशवा सेना के 28 हजार सैनिकों का सामना किया था। इस युद्ध में महार सैनिकों ने बहादुरी से पेशवा सेना को परास्त कर दिया था। इसी ऐतिहासिक जीत की याद में हर साल 1 जनवरी को भीमा कोरेगांव शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी कड़ी में, 1 जनवरी को मुख्यालय स्थित अंबेडकर चौक पर भीमा कोरेगांव विजय दिवस का आयोजन किया गया। यहां प्रतीकात्मक रूप से बनाए गए भीमा कोरेगांव शौर्य स्तंभ पर युद्ध में शहीद हुए महार सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत पूजा-वंदना के साथ हुई, जिसके बाद त्रिशरण और पंचशील का पाठ भी किया गया। भारतीय इतिहास में आत्मसम्मान का प्रतीक समिति के अध्यक्ष अधिवक्ता दयाल वासनिक ने बताया कि भीमा कोरेगांव शौर्य दिवस मनाने के लिए सभी एकत्रित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन महार सैनिकों द्वारा पेशवाओं की बड़ी सेना के खिलाफ लड़ी गई लड़ाई में मिली जीत का प्रतीक है। वासनिक ने जोर देकर कहा कि 1 जनवरी 1818 का यह युद्ध भारतीय इतिहास में आत्मसम्मान, साहस और अदम्य शक्ति का अविस्मरणीय प्रतीक है।


