बालाघाट में आगामी 16 दिसंबर को कांग्रेस के विधानसभा घेराव कार्यक्रम को लेकर बैठक हुई। इसमें पूर्व विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि एक साल पहले विधानसभा चुनाव के पूर्व भाजपा ने प्रदेश में सरकार बनने पर किसानों को धान का 31 सौ और गेहूं का 27 सौ रुपए समर्थन मूल्य, लाडली बहनों को 3 हजार रुपए, 450 रुपए में उज्जवला गैस कनेक्शन, युवाओं का रोजगार देने का वादा किया था। लेकिन सरकार ने कोई वादा पूरा नहीं किया है। जिसको लेकर कांग्रेस जनता की लड़ाई को 16 दिसंबर को विधानसभा घेराव के रूप में लड़ने जा रही है। जिसमें 50 हजार कांग्रेसी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि ना हुई किसानों की आय दोगुनी ना खेती बना लाभ का धंधा, महिलाओं का शोषण और बलात्कार, यही है भाजपा सरकार जैसे स्लोगन के लेकर विधानसभा घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में संकल्प पत्र और मोदी की गारंटी के नाम से भाजपा ने वोट लेकर सरकार तो बना ली। लेकिन एक साल में कोई वादा पूरा नहीं किया। प्रदेश में किसानों को खाद नहीं मिल रही है। महिला सशक्तिकरण की बात करने वाली भाजपा सरकार के प्रदेश में नेशनल क्राइम ब्यूरो की रिपोर्ट बताती है कि 29 हजार बलात्कार की घटनाएं हुईं हैं। केवल सात महिनों में ही 150 सामूहिक बलात्कार हुए हैं। सरकार निवेश लाने आस्ट्रेलिया और जर्मनी जा रही है। लेकिन प्रदेश में जिन बेरोजगारों ने वेयर हाउस बनाया है। सरकार उनका किराया नहीं दे पा रही है। धान उत्पादक बालाघाट जिले में राइस मिले बंद हो रहीं हैं। जिसकी मुख्यमंत्री को चिंता नहीं है। यह सरकार झूठे वादे करके सता में आई है। जो सोया हो, उसे जगा सकता है। लेकिन जो सोने का नाटक कर रहा हो, उसे जगाने के लिए जनता को जागना होगा। इसी को लेकर वह सरकार को जगाने, यह आंदोलन कर रही है। उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ पारदर्शी होते तो नहीं आता अविश्वास प्रस्ताव लखन घनघोरिया ने राज्यसभा के अध्यक्ष और उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ के पारदर्शिता पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उनके पारदर्शी नहीं होने के कारण ही विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव लाया है। वह लोकतांत्रिक मूल्यों पर बिना चर्चा किए, सदन को स्थगित कर देते है। जिन्हें अपने दायित्व का बोध होना चाहिए। विक्रम बेताल की कहानी सुना देने से नहीं चलेगा प्रदेश उन्होंने कहा कि मंत्रियों की फाइलें रूक रहीं हैं। मुख्यमंत्री लाचार हैं। ऐसे में कैसे प्रदेश चलेगा। सरकार की प्रशासन पर पकड़ नहीं है। केवल विक्रम बेताल की कहानी सुना देने से प्रदेश नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि हर सरकार, प्रदेश के किसान, महिलाओं, युवाओं को रोजगार, चिकित्सा के प्रतिबद्ध होती है, सरकार ने जो वादा किया है, वह पूरा करें।


