बालाघाट जिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गीता बारमाटे को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा आयुक्त तरुण राठी ने निलंबित कर दिया है। यह आदेश शनिवार, 29 नवंबर को जारी किया गया। निलंबन की वजह उनके कर्तव्यों के प्रति लापरवाही और शासकीय कार्य में निष्ठा की कमी बताई गई है। प्रसव के दौरान लापरवाही का आरोप डॉ. बारमाटे के खिलाफ यह कार्रवाई 11 नवंबर की घटना से जुड़ी है। किरनापुर विकासखंड के ग्राम रट्टापायली की गर्भवती महिला किरण डोंगरे को प्रसव के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय डॉ. बारमाटे आकस्मिक चिकित्सा और ऑपरेशन ड्यूटी पर थीं, लेकिन उन्होंने महिला का परीक्षण नहीं किया। इसके बाद 12 नवंबर को डॉ. श्रद्धा बारमाटे ने महिला का सिजेरियन ऑपरेशन किया, लेकिन तब तक शिशु की मौत हो चुकी थी। परिजन ने डॉ. गीता बारमाटे की लापरवाही पर गहरा रोष जताया और कहा कि यदि 11 नवंबर को ही परीक्षण कर ऑपरेशन किया गया होता, तो शिशु की जान बच सकती थी। अन्य शिकायतों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई इसके अलावा, डॉ. बारमाटे पर 5 नवंबर को बिरसा विकासखंड की बैगा महिला रतनबाई मरकाम से प्रसव के लिए 5 हजार रुपए लेने का भी आरोप था। हालांकि, उनकी टीम ने यह राशि वापस कर दी थी। उनके खिलाफ पहले भी घर पर नर्सिंग होम चलाने और गर्भवती महिलाओं से पैसे लेने की शिकायतें मिली थीं। जबलपुर रहेगा मुख्यालय इन सभी मामलों और कर्तव्यों में लापरवाही के आधार पर कलेक्टर मृणाल मीणा ने अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव आयुक्त को भेजा। इसी प्रस्ताव पर कार्रवाई करते हुए आयुक्त ने डॉ. गीता बारमाटे को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, जबलपुर रहेगा।


