रातू में रोज चोरी के बालू की मंडी लग रही है। पांच घाटों से रोज 200 से अधिक ट्रैक्टर और टर्बो अवैध बालू लेकर रांची आ रहा है। इसे यहां 6500 रुपए प्रति ट्रैक्टर और 14 हजार रुपए प्रति टर्बो की दर से बेचा जाता है। ट्रैक्टर में 110 सीएफटी तो टर्बो में 260 सीएफटी बालू होता है। यहां रोज करीब 20 लाख रुपए से अधिक का अवैध बालू का कारोबार हो रहा है। ऐसे में देखा जाए तो महीने में यह धंधा छह करोड़ रुपए से अधिक का है। तस्कर दावा करते हैं कि सब कुछ सेट है, इसलिए कहीं कोई परेशानी नहीं होगी। बालू का यह धंधा रात दो बजे से सुबह छह बजे तक चलता है। दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने अवैध बालू लेकर आ रहे ट्रैक्टर चालकों के साथ तीन दिन बिताया और जाना कि आखिर यह खेल कैसे हो रहा है। पता चला कि खलारी के दक्षिण रामेश्वरम घाट (सफी नदी) और राय से सबसे ज्यादा अवैध बालू निकल रहा है। यह खलारी, बुढ़मू थाना क्षेत्र से होते हुए रातू पहुंच रहा है। लापुंग में उत्तरी कारो नदी से डाडी जंगल के पास, मुरुप घाट व फतेहपुर के पास बालू निकाल कर माफिया शहर तक पहुंचा रहे हैं। स्पेशल ब्रांच ने रांची एसएसपी को भी अवैध खनन की यह रिपोर्ट दी है। समझिए अवैध बालू का गणित… रिपोर्टर ने चालक से पूछा- कैसे बेधड़क शहर पहुंचती है बालू लदी गाड़ी? ट्रैक्टर चालक ने कहा- सेटिंग है, हर माह 12 हजार रुपए देना पड़ता है ग्रामीण एसपी : बताइए, कार्रवाई करेंगे ग्रामीण एसपी सुमित अग्रवाल ने कहा-अवैध बालू रांची आ रहा है? जानकारी दीजिए, कार्रवाई करेंगे। भास्कर रिपोर्टर ने उन्हें अवैध बालू मंडी की तस्वीर उपलब्ध कराई। सीएम ने दिया था सख्ती का निर्देश अवैध खनन रोकने के लिए मुख्यमंत्री और डीजीपी सख्त कदम उठाने का निर्देश दे चुके हैं। पिछले साल दिसंबर में सीएम ने अधिकारियों से कहा था कि अवैध खनन से राज्य की छवि धूमिल होती है। अधिकारी अवैध खनन के खिलाफ विशेष योजना बनाकर इसे सख्ती से रोकें।


